दल्लीराजहरा (नईदुनिया न्यूज)। धान की फसल में कीट प्रकोप ने किसानों को बेहाल कर दिया है। दशहरा पर्व के बाद एक ओर जहां हरूना धान की कटाई शुरू हो चुकी है वहीं भारी धान की कटाई दीपावली पर्व के बाद शुरू होने की संभावना है। इस दौरान धान की फसल में कीट प्रकोप बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन के चलते यह समस्या खड़ी हुई है। स्थिति यह है कि दवाई छिड़काव का भी कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। अंचल के किसान देवकुमार, रूपराम, रामोतिन बाई आदि ने बताया कि धान की फसल की कटाई कई क्षेत्रों में शुरू हो चुकी है। वहीं भारी धान की कटाई में लगभग पखवाड़े भर का समय शेष है। किसानों का कहना है कि सप्ताहभर से अधिक समय से मौसम में आए दिन बदलाव हो रहा है। कभी धूप निकलती है तो कभी बादल छा जाते है। इसके चलते धान में कीट प्रकोप बढ़ गया है। किसान लगातार दवाई का छिड़काव कर रहे हैं, ताकि कीटों को फसल से बचाया जा सके लेकिन इसका भी कोई असर होता दिखाई नही दे रहा है। इससे सबसे अधिक परेशान लघु वर्ग के किसान हैं, जो कर्ज लेकर खेती-किसानी करते हैं। उनका कहना है कि अच्छी फसल नही होने पर आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो जाएगी।

अब तक नहीं मिला रबी फसल का बीमा

अंचल के किसानों ने बताया कि रबी फसल के दौरान चना, गेंहू की फसल का उन्होंने बीमा करवाया था। अब तक फसल बीमा नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल है। किसानों ने आगामी दीपावली पर्व के पूर्व रबी फसल का बीमा प्रदान करने की मांग की है।

धान खरीदी के लिए नहीं मिली गाइडलाइन, तैयारी जारी

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर अभी तक शासन से कोई गाइडलाइन नहीं आया है। खरीदी की तिथि को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। इन सबके बीच विभागीय अमला ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है ताकि खरीदी शुरू होने पर किसी भी तरह की अव्यवस्था और दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

गौरतलब है कि छतीसगढ़ राज्य में भाजपा शासनकाल के दौरान एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जा रहा था, इसके बाद इसे आगे बढ़ाकर 15 नवंबर कर दिया गया। सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांगे्रस शासनकाल में पिछले साल 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू किया गया था, इस साल भी दिसंबर महीने से ही धान खरीदी शुरू किए जाने की संभावना है, लेकिन अभी तक शासन से कोई गाइड लाइन नहीं मिल पाया है, जिससे खरीदी तिथि को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। किसानों का कहना है कि खेतों में खरीफ फसल धान कटाई का काम शुरू हो चुका है, जो कि दीपावली त्योहार से पहले पूरा भी हो जाएगा। अधिकांश किसानों के पास धान रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, जिसके चलते वे खेतों में ही या फिर किसी दूसरे की जमीन में मिंजाई करने के बाद सीधे उपार्जन केन्द्रों में बिक्री के लिए जाते हैं। उस हिसाब से एक नवंबर से 15 नवंबर की तिथि धान खरीदी शुरू करने के लिए सबसे उपयुक्त है। सरकार को इसी तिथि में धान खरीदी शुरू करना चाहिए, ताकि खेतों में या दूसरे की जमीन में बाहर रखे फसल को खराब मौसम के चलते नुकसान का सामना न करना पड़े। इधर गाइडलाइन के इंतजार के बीच संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। उप पंजीयक सहाकारिता ने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा जिले के सभी ब्रांचों में दौरा कर खरीदी की तैयारियों के संबंध में जायजा लिया जा रहा है, सभी समितियों को ड्रेनेज, हमाल, बारदाना सहित तमाम व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कर लेने निर्देशित किया गया है, समितियों की प्रारंभिक बैठक भी सम्पन्ना हो चुकी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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