बालोद (नईदुनिया न्यूज)। जिला मुख्यालय बालोद से करीब 20 किमी दूर ग्राम निपानी के ग्रामीण आज भी गंदगी के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं। वही गांव के निकासी का पानी सड़क से बहकर लोगों के निजी खेत में जाने लगा है, जिससे सार्वधिक नुकसान कमलेश कुमार चंद्राकर को हो रहा है। इस गंदे पानी के कारण लगभग एक एकड़ का खेत बोआई योग्य नहीं है, जिसकी शिकायत उन्होंने जनचौपाल में की थी। बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो समझ से परे है। मुख्यमंत्री द्वारा जन चौपाल भेंट मुलाकात कार्यक्रम ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए होता है, लेकिन अब तक समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया।

कमलेश चंद्रकार के खेत में लोगों के घरों का पानी जा रहा है, जिसके चलते अनेक बार वाद-विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। गांव का शांति प्रिय महौल भी दूषित होने लगता है। कमलेश चंद्राकर ने बताया कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी मेरे खेत में जा रहा है, जिससे मेरा एक एकड़ की खेत दलदल युक्त हो चुका है, इससे वहां कोई भी फसल नहीं हो पाता। वहीं ग्रामीणों ने बताया की नाली जाम होने के कारण लगातार दुर्गंध उठने लगी है। घरों के खिड़की दरवाजें खोलना मुश्किल हो गया है। खिड़की दरवाजें खोलते ही बदबू के साथ मच्छर घरों में घुस जाते हैं, जिसके चलते बीमारी का भय बना रहता है। कमलेश चंद्राकर ने बताया कि गंदे पानी के कारण एक एकड़ से अधिक फसल चौपट हो गई है, इससे पूरे परिवार के सामने दो वक्त की रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।

बदहाली के आलम में जीने के लिए मजबूर

ग्रामीणों के साथ-साथ कमलेश चंद्राकर ने जनचौपाल भेंट मुलाकात में आवेदन लगाकर गली के गंदे पानी को खेत में जाने से रोकने की गुहार लगाई थी। सरपंच को भी इस दिशा में कारगर कदम उठाने के लिएआवेदन दिया गया, परंतु सरपंच द्वारा न कार्रवाई की गई और न ही जनचौपाल भेट मुलाकात में।

Posted By: Nai Dunia News Network

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