बालोद। जिले के अंतर्गत ग्राम डुड़िया में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा गुरू घासीदास जी की 265 वीं जयंती सतनामी समाज के लोगों ने मनाई। मुख्य अतिथि संसदीय सचिव छ.ग.शासन व गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु घासीदास बाबा के छायाचित्र व जैतखाम पर पूजा-अर्चना, माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद अतिथियों का पुष्पाहार व श्वेत गुलाल के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव निषाद ने कहा कि जिस समाज के पहले सतनाम लगता है उससे बड़ा कोई समाज नहीं हो सकता है। संसदीय सचिव ने कहा कि बाबा जी के द्वारा बताए संदेश मनखे-मनखे एक समान और उनके सिद्धांतों व सत्य के मार्ग पर चलते हुए समाज का विकास करें। इस मौके पर सतनामी समाज के समस्त पदाधिकारी व समाज के लोगों द्वारा सतनामी समाज को एक सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन बनाने के लिए राशि स्वीकृत करने के लिए कुंवर सिंह निषाद को स्मरण पत्र सौंपा गया। जिस पर उन्होंने एक महीने में इस कार्य को करने का सतनामी समाज के लोगों को आश्वासन दिया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चन्द्रहास देवांगन अध्यक्ष नगर पंचायत अर्जुन्दा ने की। विशेष अतिथि के रूप में जिला सतनामी समाज बालोद के संरक्षक पीडी टंडन, ग्राम पंचायत डुड़िया के संरपच ललिता भुआर्य, वार्ड नं 11 के पंच सविता टंडन, सतनामी समाज ग्राम डुड़िया के अध्यक्ष रामाधार, कोषाध्यक्ष राजेश टंडन, सचिव रमेश बंजारे , प्रदेश मीडिया प्रभारी युवा प्रकोष्ठ सतनामी समाज छत्तीसगढ; यशवंत कुमार टंडन, मनोज कुमार टंडन, महादेव देशलहरे, संरक्षक तीजूराम टंडन समाजिक भंडारी जीतराम टंडन रहे। बुधराम टंडन रहे। कार्यक्रम का संचालन आरएल बंजारे ने किया।

पर्वतारोही यशवंत टंडन और पल्लवी बारले का हुआ सम्मान

सतनामी समाज के प्रतिभावान व होनहार युवा यशवंत कुमार टंडन पिता हूबलाल टंडन और बालोद जिले की प्रथम महिला पर्वतारोही पल्लवी बारले पिता प्रकाशचंद बारले ग्राम तवेरा को उत्तराखंड के नैनीताल की सबसे ऊंची चोटी नैना पीक जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 8622 फीट ऊंची चोटी पर सबसे पहले और तय समय से पहले चढ़कर तिरंगा लहराकर कीर्ति मान रच कर समाज का नाम रोशन करने पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुंवर सिंह निषाद के हाथों दोनों पर्वतारोहियों को प्रतीक चिन्ह और फल भेंट कर सम्मानित किया गया।

डीजे और श्वेत झंडा के साथ निकाली गई शोभायात्रा

सतनामी समाज के लोगों द्वारा सतनाम शोभायात्रा मंगल भवन से निकलकर गांव के विभिन्ना चौक चौराहों में बाबा के संदेश मनखे-मनखे एक समान और उनके सिद्धांतों को जनमानस तक पहुंचाने और बाबा के जय घोष जयकारा, एक ही नारा एक ही नाम जय सतनाम जय सतनाम, गुरु घासीदास जयंती अमर रहे, 18 दिसंबर अमर रहे, सत्य ही मानव का आभूषण है, मनखे-मनखे एक समान, बाबा जी के संदेश महान के नारों से गूंजते हुए नाचते गाते हुए एक साथ भ्रमण करते हुए जयस्तभ स्थल व कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। इसके बाद शोभायात्रा गुरु घासीदास जैतखाम में ध्वजारोहण कर महाआरती व प्रसाद वितरण किया गया।

जैतखाम में पालो व महाआरती का आयोजन

सत्य एवं आस्था के प्रतीक जैतखाम में समाज के प्रमुख द्वारा सत्य खाम पर सत्यध्वज पालो चढ़ाया गया जिसके बाद सतनाम आरती गीत के साथ पूजा अर्चना महाआरती हुई।

सार्वजनिक पेयजल नल का हुआ लोर्कापण

स्व. बिसउहा राम बंजारे व स्व. लछवन्तीन बाई बंजारे के मृत्यु में कफन के बदले प्राप्त राशि से उनके पुत्र राधेलाल बंजारे के द्वारा समाज के लिए व अन्य लोगों के लिए सार्वजनिक पेयजल नल टंकी का निर्माण करा कर समाज हित में कार्य किया। और उसका शुभारंभ किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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