बालोद। कोरोना से जंग जीतने के लिए सरकार द्वारा जिला स्तर पर ही कोरोना की अंतिम जांच की व्यवस्था की गई। जिला मुख्यालय पर कोरोना जांच के लिए बनाई गई आरटीपीसीआर लैब शुरू तो हो गई पर लैब लगने के बावजूद भी कोरोना की जांच में बालोद जिला आत्मनिर्भर नहीं बन पा रहा है।

अभी भी जांच के लिए सैंपल राजनांदगांव लैब भेजे जा रहे हैं। स्थानीय लैब में मात्र प्रतिदिन 200 टेस्ट ही हो पा रहे हैं। जबकि आईसीएमआर से मिले टारगेट के हिसाब से रोजाना 300 नमूने लिए जा रहे है, लेकिन 200 नमूनों की ही जांच हो पा रही है। बाकी के 100 नमूनों की जांच आज भी राजनांदगांव के भरोसे है। मतलब लैब चालू तो है, लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना की जांच के लिए सैंपल बाहर भेजे जा रहे हैं। यहां सभी सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही है।

आरटीपीसीआर जांच अब भी दूसरे जिले के भरोसे

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन भारत में पहुंचने के बाद इसके फैलाव पर नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार सतर्कता बरत रहा है। सरकार के द्वारा संक्रमण के बढते मामलों के लेकर टेस्टिंग, ट्रेसिंग व टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बालोद जिले मे करोड़ों की लागत से वायरोलाजी लैब का निर्माण हुए एक माह गुजर जाने के बाद भी अब तक लैब की क्षमता का पूरा उपयोग नही हो पा रहा है। आरटीपीसीआर की जांच के लिए अब भी जिला अस्पताल दूसरे जिले के भरोसे चल रहा है।

टारगेट का 33 प्रतिशत सैंपल भेजा जा रहा राजनांदगांव

जिले में कोरोना की रोजाना 1200 से 1500 जांच होती थीं, जो एंटीजन से की जाती हैं। इनमें संदिग्धों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए राजनांदगांव भेजे जाते थे। इस समस्या से राहत दिलाने जिला अस्पताल में करोड़ो की लागत से आधुनिक आरटीपीसीआर लैब बनी है। लैब शुरू होने के बाद बड़े बड़े दांवे किए गए कि, किसी भी प्रकार के सैंपल को परीक्षण के लिए राजनांदगांव नहीं भेजना पड़ेगा। बावजूद इसके जिले में अब भी करीब 75 फीसदी जांच एंटीजन और ट्रूनाट से ही हो रही है। इसके अलावा आरटीपीसीआर जांच के लिए टारगेट के 33 प्रतिशत सैंपल राजनांदगांव भेजे जा रहे है।

सिर्फ दो ब्लाक के सैंपल की जांच यहां बाकि तीन ब्लाक की जांच बाहर

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में स्थापित आरटीपीसीआर लैब में जिले के दो ब्लाक के सैंपल की जांच होती है। बाकि तीन ब्लाक के सैंपल टेस्टिंग के लिए राजनांदगांव भेजे जा रहे है। बालोद ब्लाक, डौंडी ब्लाक और जिला अस्पताल के सैंपल की टेस्टिंग बालोद के आरटीपीसीआर में किया जा रहा, लेकिन गुरुर, गुंडरदेही और डौंडीलोहारा ब्लाक के सैंपल की जांच राजनांदगांव आरटीपीसीआर के भरोसे है। लैब शुरू होने के करीब एक माह में अब तक लगभग 2057 सैंपल की टेस्टिंग हो चुकी है। जिसमे 121 पॉजिटिव और 1905 सैंपल निगेटिव आए है।

रोजाना ज्यादा सैंपल की जांच एंटीजन किट से

जिले के 5 ब्लॉक बालोद, गुरूर, गुंडरदेही, डौंडी व डौंडीलोहारा में आरटी-पीसीआर जांच के लिए यानी लैब से अब 300, एंटीजन से 1424, ट्रू नाट मशीन से 60 सैंपल एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। मौके पर ही 1424 लोगों की सैंपल की एआरटी किट से जांच करने कहा गया है ताकि तत्काल मालूम हो सकें कि संबंधित की रिपोर्ट पॉजिटिव है या निगेटिव।

एक दूसरे के पाले में गेंद डालते नजर आए जिम्मेदार

लैब होने के बावजूद आरटीपीसीआर जांच के लिए राजनांदगांव सैंपल भेजे जाने को लेकर जब जिम्मेदारों से बात की गई तो वो गेंद एक दूसरे के पाले में डालते नजर आए। लैब की क्षमता के उपयोग के सवाल पर लैब प्रभारी और सिविल सर्जन दोनो बचते नजर आए। लैब प्रभारी का कहना कि इसका आइडिया तो सिविल सर्जन को है, तो सिविल सर्जन भी गेंद लैब प्रभारी के पाले डालने देर नही लगाई और कहा कि उनसे जानकारी ले लेता हूं फिर बताऊंगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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