बालोद। एक हिरण शनिवार को भटककर जुर्रीपारा से लगे तांदुला बांध इलाके में पहुंच गया। जुर्रीपारा से सटा जंगल इलाका होने के कारण बांध के दूसरे छोर पर अन्य जानवरों ने उस पर हमला कर दिए। बताया जा रहा कि बांध के दूसरे छोर पर ढाई साल का नर हिरण अपनी प्यास बुझाने आया था। इस दौरान अन्य जानवरों के हमले के डर से हिरण ने पानी मे छलांग लगा दी और तैरते-तैरते जुर्रीपारा से लगे बांध के दूसरे छोर पर पहुंच गया। बांध किनारे खड़ा हिरण घंटो पानी में रहने के कारण कांप रहा था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम हिरण को बाहर सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी रही। वन विभाग का अमला शाम को करीब साढ़े 6 बजे तक मौके पर मौजूद रहा, किंतु हिरण को बाहर निकालने में सफलता हाथ नही लगी थी।

हिरण को बाहर निकालने घंटो चलती रही मशक्कत

सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची जरूर परन्तु आधी अधूरी तैयारी के साथ। आधी अधूरी तैयारी के साथ घंटो वन विभाग का अमला हिरण को बाहर निकालने में जुटा रहा। डर के मारे हिरण बांध की गहराइयों में इधर-उधर तैर रहा था। हिरण को अगर बांध से बाहर नहीं निकाला जा सका तो ठंड से हिरण की जान भी जा सकती है। जानकारी के अनुसार जुर्रीपारा के पीछे तांदुला बांध के पितारी गुड़ी से नर हिरण जलाशय में अपनी प्यास बुझाने आया था। इस दौरान अचानक कुत्ते के भोंकने की आवाज से वह पानी मे कूद गया। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी वन विभाग की दी। सूचना के आधे घंटे बाद वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। वन विभाग के कर्मचारी खाली हाथ हिरण को बचाने पहुंचे थे, जबकि शुरुआत में हिरण बांध के किनारे ही था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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