बालोद (नईदुनिया न्यूज)। जैसे तैसे धान की फसल तैयार कर कटाई मिंजाई के बाद खरीदी केंद्र में बेचने से पहले किसानों को रखवाली करनी पड़ रही । इसके बाद भी मवेशी धान को नुकसान कर रहे हैं।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लगभग दो दिन का समय शेष है। बोरे में भरे धान को मवेशियों के साथ चूहे भी नुकसान कर रहे हैं। खुले आसमान के नीचे रखने से सूखत का खतरा बना है। वहीं मौसम खराब होने की चिंता भी किसानों को सता रही है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बालोद जिले में इस साल खरीफ फसल के रूप में जिले के किसानों ने धान की अधिक फसल लगाया है। मौसम की मार झेलने के बाद अब जब फसल पक कर तैयार हो गई है और काटने के बाद खलिहानों में रखा है।

धान, मक्का व गन्नाा फसलों को छोड़कर अन्य फसलों का पंजीयन तीस तक

बालोद (नईदुनिया न्यूज)। कृषि विभाग के उपसंचालक एनएल पाण्डेय ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान, मक्का व गन्नाा उत्पादक किसानों को छोड़कर शेष फसलों सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो-कुटकी एवं रागी फसल उगाने वाले किसानों के रकबे का पंजीयन संबंधित सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से प्रारंभ हो गया है। ऐसे किसान संबधित सेवा सहकारी समिति में सत्यापन एवं पंजीयन के लिए 30 नवंबर तक जमा कर सकते हैं। उप संचालक कृषि ने बताया कि किसानों को क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा अपने आवेदन पत्र का सत्यापन भुईया पोर्टल में प्रदर्शित संबंधित मौसम के गिरदावरी के आकड़ों के आधार पर किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कृषक को संबंधित संहकारी समिति में अपने रकबे का पंजीयन कराना होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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