बालोद। शनिवार को बालोद जिले के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। इनमें राजीनामा योग्य प्रकरणो को पक्षकारों की आपसी सहमति व समझौता कराकर निराकृत किया गया। प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक व वर्चुवल दोनों ही माध्यमों से निराकृत करने अतिरिक्त स्पेशल सिटिंग के माध्यम से भी पेटी अफेन्स के प्रकरणों को निराकृत किया गया। जिला व सत्र न्यायलय बालोद और व्यवहार न्यायलय स्तर पर डौंडी लोहारा, गुंडरदेही और राजस्व न्यायालयों में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. प्रज्ञा पचौरी के निर्देशानुसार इस लोक अदालत के लिए कुल सात खंडपीठ का गठन किया गया। जिसमें प्री लिटिगेशन के बैंक, विधुत, जल कर, बीएसएनएल व राजस्व न्यायालयों में कुल 12 खंडपीठ का गठन किया गया। जिसमे कुल 10091 प्रकरण रखे गए। जिसमें से 10071 प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत में किया गया। प्री लिटिगेशन के कुल 469 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें लगभग 299375 रुपये राशि का अवार्ड पारित किया गया। इसी तरह न्यायलय में 829 मामलों का निराकरण करते हुए कुल 10134850 रुपये की राशि का अवार्ड पारित किया।

तलाक की राह छोड़ साथ रहने पर हुए राजी

कुटुंब न्यायालय बालोद में ग्राम नाहंदा निवासी ईश्वर पटेल व ईशा पटेल का हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत तलाक प्रकरण 2020 से चल रहा था। जिसका प्रधान न्यायाधीश गिरिजा देवी मरावी ने समझाइस देकर दोनों पक्षों को आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ परिवार में रहने की समझाइस दी गई। 14 मई को आयोजित नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्ष आपसी सहमति से प्रकरण को समाप्त कर दोबारा साथ रहने राजीनामा किया।

एक साथ रहने दी समझाइश

इसी प्रकार ग्राम तमोरा निवासी होमेश्वरी साहू ने अपने पति निर्मल कुमार साहू पर भरण पोषण का मामला दर्ज किया था। जो लगभग दो वर्षों से चल रहा था। कुटुंब न्यायलय के न्यायाधीश गिरिजा देवी मरावी ने सलाह व समझाइश देकर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। होमेश्वरी अपनी बेटी काजल साहू के साथ अपने पति निर्मल कुमार के साथ रहने को तैयार हुई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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