बालोद। भगवान महावीर के सिद्घांत जियो और जीने दो को मानने वाले जैन मतावलंबियों ने अहिंसा, प्राणी मात्र पर दया, त्याग एवं तपस्या कर इंद्रियों पर नियंत्रण आदि के उद्देश्य से पर्यूषण पर्व मनाया तथा आत्मा पर किसी तरह का मैल न रहे इसलिए प्रतिक्रमण कर समस्त पापों के लिए प्रायश्चित भाव से क्षमा याचना की। इसी कड़ी में तपस्या करने वालों का बहुमान कर वरघोड़ा निकाला गया।

गुरुवर्या स्नेहयशा श्रीजी आदि 4 साध्वी वृन्दों के सानिध्य में प्रतिदिन प्रवचन ज्ञान, ध्यान साधना तप आदि के माध्यम से इस वर्षावास में धर्म आराधना से जुड़े जैन धर्म में उपवास तपस्या का बहुत अधिक महत्व बताया गया है । इस अवसर पर कई लोगों ने एक माह, 15 दिन , 8 दिन की तपस्या कर अपनी साधना पूर्ण की। इसके अतिरिक्त 45 तपस्वियों ने अक्षयनिधि तप, समोशरण तप, विजय कषाय तप एवं अट्टम तप किया। महावीर भवन में इन तपस्वियों का सम्मान विभिन्ना संघों की उपस्थिति में किया गया। इन तपस्वियों का सम्मान करने की बोली नीलेश फ्रेंड्स ग्रुप धमतरी वालों ने, भगवान को रथ में लेकर चलने की बोली चंद्रकांत रणपरिया परिवार ने, रथ के आगे कलश लेकर चलने की बोली केशरीमल प्रतापचन्द नाहटा परिवार दल्ली वालों ने, कल्पसूत्र साथ में लेकर चलने की बोली विजयलाल बरड़िया परिवार दल्ली वालों ने लिया। वहीं वरघोड़ा तथा साधर्मिक भक्ति का लाभ साध्वी श्री के सांसारिक भाई नीलेश पारख धमतरी वालों ने लिया। इस अवसर पर साध्वीश्री ने उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि साधना के लिए सत्व जरूरी है तथा समाधि के लिए भावों की स्थिरता जरूरी है। यह पर्यूषण पर्व भाव शुद्घि का पर्व है। मन में कोई डंक नहीं होनी चाहिये, अहंकार टुटना चाहिये तथा आत्मा को निर्लेप होना चाहिए।

इन लोगों ने की तपस्या

इस अवसर पर बड़ी तपस्या करने वालों में ऋषभ चौरडिय़ा 31, विकास भंसाली 31, राजीव अग्रवाल 23, मोंटू सकलेचा 10, हर्ष श्रीश्रीमाल 11,यश11, चंदन बोहरा11, मोंटू सकलेचा 10 इसके अतिरिक्त मीना सांखला, भाविक श्रीश्रीमाल, शुभम श्रीश्रीमाल सोनम गोलछा गुंजन भंसाली उत्सव निवृत्ति रतन बोहरा, अरिष्ट नाहटा, मनीषा चौरड़िया वृद्घि डूंगरवाल आदि ने 8 की तपस्या पूर्ण की है। इस अवसर पर कैवल्य धाम तीर्थ के अध्यक्ष धरमचंद लुनिया ने कहा कि यहां का उत्साह देखकर मैं अभिभूत हूँ। साध्वीवृन्द के सानिध्य में धर्म आराधना में इसी तरह वृद्घि होती रहे तथा गुरु भगवन्तों की कृपा दृष्टि बनी रहे। इस आयोजन में बाहर से पधारे समस्त अतिथियों का संघ अध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन तथा चौमासा समिति के अध्यक्ष मुकेश भंसाली ने आभार माना तथा तपस्या कर शासन की प्रभावना बढ़ाने वाले तपस्वियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। वर्षावास के समस्त आयोजनों को सफल बनाने में संघ के सदसयों का पूर्ण योगदान रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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