बालोद । गांव के लोगों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने बालोद जिले के नव नियुक्त कलेक्टर डां. गौरव कुमार सिंह ने नई पहल शुरू की है। एक तरफ जिला मुख्यालय में पांच दिन जनदर्शन लगेंगे। वहीं, कुछ ही दिनों बाद यह जनदर्शन अनुविभागीय मुख्यालयों में भी लगने लगेगी। तांदुला नदी की सफाई और जोरों से किया जाएगा। जिले के गोठानों को बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश होगी।

नईदुनिया के साथ विशेष बातचीत में बालोद के कलेक्टर गौरव सिंह ने जिले में कार्य करने को लेकर अपनी पहली प्राथमिकता बताई। पदभार ग्रहण करने के एक सप्ताह में ही जनदर्शन के स्वरूप को बदल कर नए स्वरूप में लागू कर दिया है। इसके अलावा जिले के चारों अनुविभागों डौंडीलोहारा, गुंडरदेही, गुरुर व डौंडी में भी जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर का मानना है कि जब ब्लाक मुख्यालयों में लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी तो उन्हें जिला मुख्यालय तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यहीं वजह है कि जन चौपाल को जिले तक ही सीमित न रख कर ब्लाक मुख्यालय में भी प्रारंभ करने की योजना पर काम कर रहे है। जिसे शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। इन जनदर्शन कार्यक्रमों में कलेक्टर स्वयं उपस्थित रहेंगे। इसका कारण वे यह भी बताते हैं कि जब भी किसी अनुविभाग मुख्यालय में जनदर्शन कार्यक्रम में वह जाएंगे तो आते जाते कई गांवों का दौरा वह कर सकते हैं। इससे शासन प्रशासन की दूरी जनता से कम होगी और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन का साक्षात्कार भी होगा।

टीम वर्क के साथ करेंगे काम

कलेक्टर ने कहा कि बालोद जिला को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम बनाने टीम वर्क के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला की टीम बहुत बेहतर है। हर विषय पर हम सब आपस में बैठकर विचार विमर्श कर निर्णय लेंगे और जिले को श्रेष्ठ जिला बनाने की कोशिश करेंगे। इस विशेष बातचीत के दौरान जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रेणुका श्रीवास्तव, टीकम पिपरिया, सार्थक मित्तल भी उपस्थित थे।

जन चौपाल समस्या हल करने का बेहतर माध्यम

उनका मानना है कि जनदर्शन लोगों की समस्याओं को हल करने का एक बेहतर माध्यम है। जन चौपाल का अनुभव बताते हुए उन्होंने बताया कि मुंगेली में 60 दिन में उन्होंने 106 चौपाल का आयोजन किया था। सूरजपुर में 350 गांव में जन चौपाल लगाए थे। इसके माध्यम से लोगों की समस्याएं तुरंत हल की जा सकती है। जब किसी व्यक्ति की समस्या हल हो जाती है तो वह दूसरों को भी इसके बारे में बताता है। फिर दूसरा व्यक्ति भी अपनी समस्या लेकर पहुंचता है। इस तरह लोगों का विश्वास शासन प्रशासन के प्रति बढ़ता जाता है।

अच्छे कार्य को और अच्छा बनाएंगे

बालोद, दुर्ग और बेमेतरा जिले के लिए जीवनदायिनी नदी माने जाने वाली तांदुला नदी की सफाई पर चर्चा करते हुए कलेक्टर डा. सिंह का कहना है कि जो काम बेहतर है उस काम को और बेहतर बनाएंगे। तांदुला नदी की सफाई बहुत अच्छा कार्य है। इस कार्य को और अच्छे ढंग से कैसे कर सकते हैं, इस बारे में विचार कर रहे हैं। तांदुला नदी को आकर्षक बनाने, स्वच्छ बनाने जो भी संभव होगा वह कार्य किया जाएगा। तांदुला नदी की जलकुंभी सबसे बड़ी समस्या है इसके निपटान के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा ताकि यह फिर से ना हो सके। इसके लिए विशेषज्ञों से राय भी ली जा रही हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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