दल्लीराजहरा (नईदुनिया न्यूज)। अक्सर हर साल यह होता है कि सभी धर्मों के त्योहार कुछ दिन आगे-पीछे मनाए जाते हैं। कभी हिंदू धर्म का पर्व पहले आता है तो कभी इस्लाम, ईसाई और सिख धर्म के पर्व पहले मनाए जाते हैं। ऐसा संयोग बहुत कम देखने को मिलता है, जब सभी धर्मों के पर्व-त्योहार साथ-साथ मनाए जा रहे हों। इस साल ऐसा संयोग बन रहा है, जब हिंदू, मुस्लिम, सिख, बौद्घ, जैन और सिंधी समाज के पर्व, त्योहार एक साथ मनाए जाएंगे। यह संयोग इस बार अगले सप्ताह 13 अप्रैल को शुरू हो रहे हिंदू नववर्ष के दिन बन रहा है।

देवी आराधना के साथ रमजान के रोजे

इस बार नव संवत्सर 13 अप्रैल को नवरात्र के साथ शुरू हो रहा है। इस दिन सुबह देवी मंदिरों में जोत प्रज्वलन और घर-घर में घट कलश स्थापना की जाएगी। देवी भक्तों द्वारा नौ दिनों तक व्रत, उपवास करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। एक ओर जहां हिंदू धर्म के लोग इस दिन से देवी आराधना के साथ ही व्रत रखेंगे। वहीं इसी दिन इस्लाम धर्म के लोग चांद का दीदार करेंगे।

यदि चांद दिखाई देता है तो अगले दिन 14 अप्रैल से रमजान के रोजे रखने की शुरुआत होगी। यदि चांद नहीं दिखाई देता है तो 15 अप्रैल से रोजा रखा जाएगा। हिंदुओं द्वारा घर-घर में नवरात्र पर देवी आराधना की जाएगी और मुस्लिम समाज के लोग दिन भर व्रत रखकर शाम को इफ्तार करेंगे। देश भर में सद्भावना की मिसाल देखने को मिलेगी। हिंदू-मुस्लिम साथ-साथ व्रत, रोजे रखकर जीवन को एक नई दिशा देने का प्रयास करेंगे।

सिख धर्म में बैसाखी की अरदास

नवरात्रि के पहले दिन 13 अप्रैल को ही सिख धर्म के लोग गुरुद्वारों में बैसाखी के मौके पर गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष विशेष अरदास करेंगे। संपूर्ण विश्व में फै ल रही कोरोना महामारी के खत्म होने की कामना करेंगे। पंजाब प्रांत के प्रमुख पर्वों में से एक बैसाखी पर्व को दल्लीराजहरा में भी मनाया जाता है, लेकिन इस साल कोरोना के चलते गुरुद्वारों में सादगी से अरदास की जाएगी।

सिंधी समाज मनाएगा चेट्रीचंड्र पर्व

13 अप्रैल को ही सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। दल्ली राजहरा में हर साल भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है, लेकिन इस साल महामारी के चलते घर-घर में ही दीप प्रज्वलन करके झूलेलाल की प्रतिमा विराजित कर पूजा की जाएगी।

बौद्घ अनुयायी मनाएंगे बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती

नवरात्रि के अगले दिन 14 अप्रैल को बौद्घ धर्म के अनुयायी, भारतीय संविधान को बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाएंगे।

जैन धर्म, महावीर स्वामी जयंती

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती 25 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसके लिए घर-घर में भक्ति की अलख जगाने का दौर शुरू हो जाएगा।

महाराष्ट्रीयन समाज मनाएगा गुड़ीपड़वा

महाराष्ट्र मंडल के नेतृत्व में 13 अप्रैल को नवरात्रि पर महाराष्ट्र में मनाए जाने वाला प्रमुख पर्व गुड़ीपड़वा श्रद्घा, उल्लास से घर-घर में मनाया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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