बालोद। बालोद ब्लाक के ग्राम जगन्नााथपुर में इन दिनों सरकारी जमीन पर लगातार कई ग्रामीणों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। अंधेरगर्दी ऐसी है कि लोग कहीं भी जगह देखकर वहां पर खुद से ही चूना से मार्किंग करके बांस बल्ली या तार घेरा डालकर अवैध कब्जा करते जा रहे हैं। इस बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए पंचायत प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन इसके बाद भी कोई कब्जा नहीं हटा रहा है। कुछ कब्जाधारी तो ऐसे भी हैं जो नोटिस को स्वीकार भी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में पंचायत प्रशासन भी परेशान है कि करें तो क्या करें।

सरपंच अरुण साहू ने बताया कि मामले को लेकर पंचायत में बैठक भी हुई है। अब कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई जाएगी। गांव के आबादी भूमि पर लगातार अवैध कब्जा जारी है। अचानक बढ़ते अतिक्रमण के पीछे एक पुराना आबादी वितरण विवाद होने की बात भी सामने आ रही है। बताया जाता है कि 2009 में जब तत्कालीन सरपंच सुंदर सिंह नागवंशी थे तो उन्होंने गांव के 80 से ज्यादा लोगों को आबादी वितरण पंचायत स्तर पर कर दिया था। जिसमें गांव के अन्य लोगों ने इस बात पर आपत्ति जाहिर की थी कि जो परिवार सक्षम है, जिनके पर्याप्त जमीन जायदाद हैं उन्हें भी आबादी दे दिया गया है, जो न्याय संगत नहीं है। इस आधार पर तत्काल उस समय भी कुछ ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में शिकायत की थी, जिसके बाद फिर आबादी वितरण पर स्टे लग गया था। अब उस समय जिन्हें आबादी वितरण हुआ था उनमें से भी कई लोग सरकारी जमीन पर यह कहकर अभी कब्जा कर रहें हैं कि हमने एसडीएम कोर्ट से केस जीत लिया है और फैसला हमारे पक्ष में आ गया है। इस आधार पर हमें जो पंचायत से पट्टा जारी हुआ है, उस जमीन के मालिक हम हुए। जबकि अभी तक एसडीएम कोर्ट से ऐसा कोई फैसला उनके पक्ष में भी नहीं आया हैं न शिकायत करने वालों के पक्ष में फैसला आया है।

एसडीएम द्वारा जो आदेश जारी किया गया है उसमें लिखा गया है कि मामला मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसलिए इस संबंध में अपील सिविल कोर्ट में की जा सकती है और दोनों पक्ष की ओर से यह मामला खारिज कर आगे कोर्ट में अपील की सलाह दी गई है। इस तरह इस मामले में अब तक कोई फैसला नहीं आ पाया है। आबादी भूमि पर पूर्व में तत्कालीन सरपंच द्वारा दिए गए पट्टे के आधार पर ग्रामीण कब्जा करते जा रहे हैं।

बिगड़ रहा है गांव का माहौल, वाद विवाद की स्थिति हो सकती है निर्मित

सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी जमीन पर लगातार रातों-रात कब्जा किया जा रहा है। लोग कहीं पर भी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। कोई व्यवसायिक जमीन को हथिया रहा है तो कोई खेल व अन्य प्रयोजन के लिए सुरक्षित रखे गए जमीन को। यहां तक कि जहां पर बाजार, मेला वगैरह होता है उस जगह को हाल ही में पंचायत प्रशासन द्वारा सुरक्षित रखवाया गया था, वहां से अतिक्रमण हटाया गया था लेकिन अब लोग इस पर कब्जा करते जा रहे हैं।

कब्जा करने वाले नहीं दिखा पा रहे हैं आदेश की कापी

सरपंच अरुण साहू ने कहा कि जो लोग भी कब्जा कर रहे हैं, हमने उन्हें नोटिस जारी किया है, लेकिन कई लोग नोटिस नहीं ले रहे हैं। जब हम उनसे कहते हैं कि एसडीएम कोर्ट में अगर केस जीते हो तो उसकी कापी दिखाइए तो कई लोगों के पास कापी ही नहीं है, ना ही जिनके पास कापी है उसमें इस बात का प्रमाण है कि यह जमीन अब उनकी हो गई है। अगर विधिवत जमीन उनकी होती तो पंचायत प्रशासन द्वारा ही पटवारी बुलाकर बकायदा नाप जोखकर उनके पट्टे के हिसाब से उन्हें जमीन आवंटित किया जाता। लेकिन यहां कई लोग जिनके पास पट्टा तक नहीं है वह भी सरकारी जमीन को रातों-रात हथिया रहे हैं। जिसको लेकर अब जिला प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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