दल्लीराजहरा। गणेश चतुर्थी को लेकर दल्लीराजहरा क्षेत्र में विभिन्न कलाकार मूर्तियों को अंतिम रूप देने लगे हुए हैं। वहीं चौक-चौराहों पर गणेश पंडाल बनाने के लिए युवा समितियों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारी चंदा इकट्ठे करने के लिए दुकानों घरों एवं कालोनियों में घूम रहे हैं। 31 अगस्त को राजहरा सहित डौडी ब्लाक में गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। मूर्तिकार भी गणेश जी की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। शहरवासियों में भी गणेश की मूर्तियों की खरीदारी को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न गणेश उत्सव समिति के लोगों ने आर्डर दे दिया है।

मूर्तिकार फूलचंद ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से मूर्तियों को बनाते आ रहे है। गणेश चतुर्थी के तीन महीने पहले से ही मूर्तियों की तैयारी शुरू हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि वह इको फ्रेंडली मूर्तियां बनाते हैं। इको फ्रेंडली मूर्तियां पानी में जल्दी घुल जाती हैं। वे हर वर्ष एक फीट से लेकर 10 फीट की मूर्तियां बनाते हैं। कोरोना काल के दो साल बाद गणेश चतुर्थी को लेकर काफी चहल पहल नजर आ रही है। इस बार त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा।

चार पीढ़ियों से बना रहे मूर्ति

फूलचंद ने बताया कि उनकी चार पीढ़ियां मूर्तिकला से जुड़ी हैं। हर साल गणेश चतुर्थी से तीन माह पहले ही मूर्तियों का माडल तैयार कर लेते हैं। एक से ढाई फीट की मूर्ति बनाने में एक माह का समय लगता है। वहीं तीन से 10 फीट की मूर्ति बनाने में चार माह लग जाते हैं।

एक माह पहले होती पेंटिंगः उन्होंने बताया कि एक माह पहले पेंटिंग की प्रक्रिया शुरू होती है। गणेश पूजा से पांच दिन पहले मूर्तियों की बिक्री शुरू होती है। एक से ढाई फुट की मूर्तियों के करीब 15 माडल तैयार किए हैं। 3 से 5 फीट की मूर्तियों के 20 अलग-अलग माडल तैयार किए। इन मूर्तियों पर आयल पेंट का प्रयोग नहीं, बल्कि वाटर प्रूफ रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। 12 फीट की 25 मूर्तियां स्पेशल डिमांड पर बनाई जाती हैं।

दल्लीराजहरा के न्यू मार्केट, शास्त्री बाजार ,जैन भवन चौक, माइन्स ऑफिस चौक, श्रमवीर थाना चौक, शहीद वीर नारायण सिंह चौक पुराना बाजार चिखलाकसा सहित विभिन्न स्थानों पर आकर्षक पंडाल तैयार किए जाते हैं। जहां पर विघ्नहर्ता श्री गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है। जानकारी के अनुसार शहर में 100 से भी अधिक स्थानों पर भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की जाती है। मूर्तिकारों के यहां भगवान गणेश की मूर्तियां तैयार की जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close