स्वाधीन जैन-बालोद । जिले में कोविड 19 महामारी ने 150 मासूमों के सिर से माता या पिता का साया छीन लिया है। पीएम केयर्स योजना के तहत इनमें से तीन बच्चों को चयनित किया गया है। अब 23 वर्ष की उम्र होने पर 10 लाख रुपये शासन की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में काफी कोहराम मचाया। इस महामारी के प्रकोप से कई मासूम अनाथ हो गए। जानकारी के अनुसार जिले में 150 से अधिक बच्चों के सिर से माता या पिता का साया छीन गया। इन मासूमों को हर तरह की मदद मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम केयर्स नामक योजना की शुरूआत की है। जिसमें जिले से तीन बच्चों का चयन किया गया है। इस योजना के तहत चयनित बच्चों को 23 वर्ष की उम्र होने पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। आलम यह है कि वर्तमान में भी कई लोग बाल सरंक्षण विभाग में पीएम केयर्स योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन वे इस योजना के नियमों के तहत फिट नहीं बैठ रहे। जिन तीन बच्चों का चयन पीएम केयर्स में हुआ है, उनके साथ ही अन्य बच्चों को राज्य सरकार द्वारा संचालित महतारी दुलार योजना का लाभ दिया जाएगा। अन्य बच्चे स्वतः ही इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।

कलेक्टर के साथ खुला ज्वाइंट खाता

बाल संरक्षण विभाग ने उक्त तीन बच्चों का बैंक खाता कलेक्टर के नाम के साथ खोल लिया है। इसकी प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गई है, खाता अपडेट भी हो गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार कलेक्टर को इन बच्चों का संरक्षक बनाया गया है। ताकि किसी प्रकार की असुविधा इन बच्चों को ना हो सके।

योजना का यह है नियम

विभागीय जानकारों की मानें तो पीएम केयर्स योजना के तहत ऐसे बच्चे को 3 केटेगरी में बांटा गया है। योजना के तहत ऐसे बच्चे जिनके माता और पिता दोनों की मृत्यु हुई है। इसके साथ ही ऐसे बच्चे जिनके पिता या माता की पहले से ही मृत्यु हो गई थी और कोविड के कारण एक स्वजन की भी मौत हो गई हो। इसके अलावा ऐसे बच्चे जिनके माता पिता को पहले से ही मृत्यु हो गई है और वे अपने परिवार के किसी सदस्य के साथ रह रहे थे जिनकी कोविड में मौत हो गई हो। इन तीन केटगरी के तहत आने वाले बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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