दल्लीराजहरा । प्रदेश में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इसके लिए मुश्किल से पांच दिन का ही समय बचा है। अब तक इसके लिए जरूरी तैयारियां तक शुरू नहीं हुई हैं। अंतिम समय में तैयारियां करने से आपाधापी में आधी-अधूरी तैयारियों के बीच खरीदी शुरू की जाएगी। ऐसे में खरीदी केंद्रों पर विवाद की स्थिति उत्पन्नी होना स्वाभाविक है। धान खरीदी केंद्र प्रभारी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध बारदाने से केवल एक सप्ताह खरीदी किया जा सकता है। खरीदी केंद्र में बारदाने नहीं होने से परेशानी बढ़ जाएगी।

भीड़ से खतरा

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बारदाने के लिए कोई परेशानी नहीं है। खाद्य विभाग के अफसर जल्द बारदाने आने की बात कह रहे हैं। वहीं एक दिसंबर से होने वाले धान खरीदी टोकन सिस्टम से होनी है। टोकन काटने का आदेश भी नहीं आया है। आदेश आने के बाद सोसाइटियों में किसानों की भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।

रबी फसल की बीमा 15 दिसंबर तक

खरीफ फसल के कटाई के बाद रबी फसलों की बोनी प्रारंभ हो चुकी है, जिसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2020-21 के तहत फसल को प्रतिकूल मौसम सूखा, बाढ़, कीट व्याधि, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान में वित्तीय सहायता के लिए 15 दिसंबर तक फसलों को बीमा करा सकते हैं। जिले के लिए मुख्य फसल चना तथा अन्य फसल गेहूं सिंचित, गेहूं असिंचित व अलसी फसल का बीमा करा सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत ऋणी व अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते हैं। ऋणी किसान ऐच्छिक आधार पर फसल बीमा करा सकते हैं, जिसके लिए किसान को निर्धारित प्रपत्र में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा की अंतिम तिथि 15 दिसंबर के सात दिवस पूर्व संबंधित बैंक में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। किसान द्वारा निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिए स्वीकृत/नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण का अनिवार्य रूप से बीमा किया जाना है। आधार कार्ड जरूरी है।

योजना के तहत बीमा के लिए प्रीमियम राशि दर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत कृषक प्रीमियम राशि निर्धारित है, जिसके अनुसार कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि 487 रुपये चना एवं 506 रुपये गेहूं सिंचित के लिए प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा। इस प्रकार किसान द्वारा गेहूं असिंचित के लिए फसल के लिए 304 रुपये, अलसी फसल के लिए 190 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा। लोक सेवा केंद्र के माध्यम से बीमा करा सकते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस