स्वाधीन जैन

बालोद। नए शिक्षा क्षेत्र को बीते दो माह से भी अधिक हो गए लेकिन जिले के विद्यार्थियों को दो सेट की जगह केवल एक ही सेट का गणवेश मिल पाया है। इधर विभागीय अफसरों का कहना है कि शासन से अभी तक दूसरे सेट का आवंटन नहीं आया है। आवंटन मिलने के बाद गणवेश के दूसरे सेट का वितरण कर दिया जाएगा। बहरहाल शासन से जब तक गणवेश का दूसरा सेट मिल नहीं जाता विद्यार्थियों को इंतजार ही करना पड़ेगा। ़जिलें में ़फिलहाल एक सेट गणवेश का वितरण पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि ़जिलें में पंजीकृत लगभग 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को गणवेश के एक सेट का वितरण हो गया है। जानकारी के मुताबिक ़जिले में प्राथमिक और मीडिल स्कूल को मिलाकर कुल 82729 विद्यार्थी हैं जिन्हें शासन की ओर से पुस्तकों के अलावा दो सेट गणवेश प्रदान किया जाता है। जिसमें पुस्तकों का वितरण तो हो गया पर गणवेश का वितरण नहीं हो पाया है।

राज्य हाथकरघा विकास से होती है गणवेश की आपूर्ति

मिली जानकारी के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजीव गांधी शिक्षा मिशन और लोक शिक्षा को गणवेश की आपूर्ति राज्य हाथकरघा विकास से होती है। विभाग को हाथकरघा की ओर से अभी तक एक सेट यूनिफार्म दिया गया है। बताया जा रहा कि स्कूल खुलने के बाद पूरे राज्यभर में गणवेश को लेकर समस्या है, जिसकी वजह से ़जिले को एक सेट यूनिफार्म ही मिल पाया है।

जैसे आबंटन प्राप्त हो रहा वैसे किया जा रहा वितरण

प्रभारी डीईओ बसंत बाघ का कहना है कि जैसे-जैसे शासन से आबंटन प्राप्त हो रहा वैसे ही गणवेश का वितरण किया जा रहा है। फिलहाल एक सेट यूनिफार्म मिला है जिसका वितरण किया जा रहा है। कुछ संकुल को छोड़कर पूरे जिले में एक सेट गणवेश वितरण का काम पूरा हो चुका है। जैसे ही दूसरा सेट आएगा उसका भी वितरण कर दिया जाएगा।

यह है योजना

सरकार ने पहले प्राथमिक स्कूल के अनुसुचित जाति तथा अनुसुचित जनजाति के बालिकाओं का गणवेश प्रदान करना शुरू किया था। विगत कई सालों से प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला के सभी बधाों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म दिए जाने का प्रावधान किया गया। जिसमें एपीएल पारिवार के बालकों को भी जोड़ा गया। 1 से 5 तक की अनुसूचित जाति व जनजाति की बालिकाओं को लोक शिक्षण संचालनालय, 1 से 8 तक की गरीबी रेखा के ऊपर (एपीएल) बालक को लोक शिक्षण संचालनालय, 1 से 5 तक अनुसूचित जाति व जनजाति बालक को सर्व शिक्षा अभियान, 6 से 8 तक अनुसूचित जाति व जनजाति बालक एवं बालिकाओं दोनों को सर्व शिक्षा अभियान, 1 से 8 तक गरीबी रेखा के ऊपर (एपीएल) बालिकाएं सर्व शिक्षा अभियान और 1 से 8 तक सामान्य एवं पिछड़ी जाति गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) बालक एवं बालिकाएं दोनों को सर्व शिक्षा अभियान के द्वारा दो सेट गणवेश निश्शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

आत्मसम्मान बढ़ाने वाली योजना चढ़ रही अफसरशाही की भेंट

विद्यार्थियों में आत्मसम्मान बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई यूनिफार्म वितरण की योजना अफसर शाही की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है। लापरवाही का आलम यह है कि शिक्षा सत्र शुरू होने के तीन माह बीतने के बाद भी महज एक सेट यूनिफार्म का वितरण हो पाया है। जबकि पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को दो सेट निःशुल्क यूनिफॉर्म का वितरण किया जाता है। बताया जा रहा है कि कुछ संकुलों में यूनिफॉर्म वितरण का काम शुरू ही नहीं हो सका है। जबकि गणवेश वितरण सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है

Posted By: Nai Dunia News Network

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