0- घर पर रहकर करा सकते हैं इलाज, जिले अब होम आइसोलेशन पर 484 लोग करा रहे इलाज

बालोद (नईदुनिया न्यूज)। कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन के लिए शासन ने नियमों को शिथिल कर दिया है । बिना लक्षण वाले और ऐसे लोग जिन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है, उनमें से अधिकांश ने इलाज के लिए होम आइसोलेशन ही मांग लिया है। हालात ऐसे हैं कि जिले में होम आइसोलेशन वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 484 तक पहुंच गई है, जबकि 6 दिन पहले तक यह 286 पर थी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि बाहर निकलकर संक्रमित होने के बाद घर को कोरोना से बचने का सबसे सुरक्षित स्थान मान रहे हैं।

बालोद जिले में 484 मरीज घर पर ही रहकर कोरोना से लड़ रहे हैं। इन मरीजों को कोरोना के अलावा कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं है या फिर कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें होम आइसोलेशन की अनुमति दी है। ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन ही चुन रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि कोविड केयर सेंटर में अच्छे से देखभाल नहीं होगी। विपरीत इसके घरों में रहकर वे जल्दी ठीक हो सकेंगे। होम आइसोलेशन में रहने से मानसिक तौर पर भी मरीज मजबूत होते हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।

कोविड सेंटरों में खाली है 297 बेड

जिले के पांच सरकारी कोविड केयर सेंटरों से ज्यादा मरीज घरों में रहकर इलाज करा रहे हैं। आलम यह है कि सेंटरों में 297 बेड खाली है। अधिकांश लोग कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद घर में इलाज कराने की अनुमति अफसरों से ले रहे हैं। जिसकी पुष्टि जिला स्वास्थ्य विभाग भी कर रहा है। सीएमएचओ डॉ. एस. देवदास के मुताबिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अधिकांश लोग अपनी सुविधा अनुसार घर में ही इलाज कराना चाह रहे हैं इसलिए सेंटरों में बेड खाली है। यह अच्छा ही है क्योंकि केस बढ़ रहे है तो जितने सीटें खाली रहेगी, मरीजों को आसानी से भर्ती करा सकेंगे। वहीं होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों का कहना है कि लगातार केस मिलने से स्वाभाविक है, देरी से मरीजों की भर्ती हो रही होगी इसलिए घर ही सुरक्षित है। सेंटरों में पहुंचने तक देरी और आगे हालात को देखते हुए रिस्क नहीं लेना चाहते।

आंकड़ों के मुताबिक बालोद जिले के कोविड सेंटरों के 644 में से 297 बेड खाली हैं, 347 मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग से जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के 100 बिस्तर के कोविड अस्पताल में उन्हीं मरीजों को एंट्री दी जा रही है। इसमें सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण या जिन्हें गंभीर बीमारी है। सामान्य यानी जिनमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं है, उनको आइसोलेशन सेंटरों में भर्ती किया जा रहा है। इसकी जानकारी होने के बाद लोग खुद ही चाह रहे हैं कि घर में रहकर इलाज कराएं, ताकि परेशानियों का सामना न करना पड़े। पहले कोविड अस्पताल में अधिकांश मरीजों को भर्ती कर रहे थे।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रायपुर मेकाहारा, एम्स, माना कोविड अस्पताल रायपुर, राजनांदगांव, शंकराचार्य भिलाई सहित अन्य स्थानों में भी जिले के मरीज भर्ती हैं। यहां से जांच कराकर अपनी सुविधा अनुसार मरीज दूसरे स्थानों में भी भर्ती होते हैं। जिले में 1965 मरीजों में से 831 एक्टिव हैं।

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