बालोद। वर्षा होने के बाद कृषि कार्यों में तेजी आ गई है। लेकिन जिले में किसानों को डीएपी और यूरिया खाद के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले सोसाइटी में डीएपी आई थी, वह अब खत्म हो गई है। वहीं, अब यूरिया खाद भी पूरी तरह खत्म होने से परेशानिया बढ़ गई है। जिले के किसी भी सोसाइटी में यूरिया और डीएपी नहीं मिल रही है। मौसम को देखते हुए किसान जल्द से जल्द बोनी करना चाहते हैं। इसके लिए नर्सरी की भी तैयारी कर चुके हैं। ऐसे में खाद की आवश्यकता किसान महसूस कर रहे हैं। खाद की जरूरत को देखते हुए बाजार से महंगे दाम पर यूरिया खरीदने किसान मजबूर हो रहे हैं।

बालोद जिले की सोसाइटियों में डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत लगातार बनी हुई है। जिला विपणन में जो खाद आती है वह कुछ ही दिन में खत्म हो जाती है। काफी समय से यूरिया सोसायटियों में नहीं है। शनिवार शाम डीएपी खाद की कुछ मात्रा आई है जिसे अभी सोसायटी तक पहुंचने में दो दिन का समय और लगेगा। जिला विपणन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आगामी सप्ताह में यूरिया के आने की उम्मीद है।

गर्मी से लगातार बनी हुई किल्लत

गर्मी के दिनों में भी धान की फसल लेने वाले किसान खाद को लेकर लगातार परेशान रहे। गर्मी में डीएपी और यूरिया की लगातार किल्लत बनी रही। बाहर से बहुत ऊंचे दाम पर खाद खरीदने किसान मजबूर रहे हैं। अब वर्षा शुरू होने के बाद भी बरसाती फसल के लिए किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है। माना जा रहा है कि खाद ऊपर से ही नहीं आ रही है। थोड़ी बहुत जो आती है वह कुछ ही किसानों को कुछ-कुछ मात्रा में

मिल पाती है। खेत तैयार करने के बाद किसान खाद मिलने के इंतजार में है। जिससे उनका काम भी बाधित होते जा रहा है।

शनिवार शाम पहुंची हजार टन डीएपी खाद

जिला विपणन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम 1000 टन डीएपी खाद बालोद पहुंच गई है। दो दिन बाद इसका वितरण सभी सोसाइटियों में कर दिया जाएगा। 1000 टन खाद मिलने के बाद कुछ हद तक किसानों को खाद की कमी दूर हो जाएगी। वहीं, आने वाले सप्ताह में 600 मेट्रिक टन यूरिया आने की बात कही जा रही है। जैसे ही यह खाद की खेप आएगी उसे भी वितरित कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा खद आ जाने की जानकारी तो दी गई है। लेकिन यूरिया को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि अफसर इसका आश्वासन जरूर दे रहे हैं।

रोपाई के लिए खेत तैयार कर रहे हैं किसान

ग्राम पैरी के किसान पन्ना सोनबोईर ने बताया कि किसानों को वर्तमान में डीएपी और यूरिया खाद की सख्त आवश्यकता है। रोपाई के लिए नर्सरी लगभग तैयार है। खेतों को मताने का काम भी किया जा रहा है। ऐसे समय में डीएपी की बहुत आवश्यकता महसूस हो रही है। पैरी सोसाइटी में डीएपी और यूरिया नहीं होने की जानकारी समिति द्वारा दी जाती है।

पोटाश और सुपर फास्फेट की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध

जिले की सोसाइटियों में खाद के नाम पर सिर्फ पोटाश और सुपर फास्फेट उपलब्ध है। इनका स्टाक काफी तादात में है। कई सोसाइटियों में किसानों को सुपर फास्फेट और पोटाश को डीएपी की जगह इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जा रही है। लेकिन किसानों का मानना है कि समय रहते खाद डालना जरूरी है ऐसे में कोई रिस्क नहीं उठाना चाहते। इसीलिए किसान हमेशा की तरह डीएपी खाद ही डालकर रोपाई के लिए खेत तैयार करने की मानसिकता में है।

जिले में खाद की कमी को दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। शनिवार को 1000 टन डीएपी खाद आई है। आगामी सप्ताह में यूरिया की एक खेप और आने वाली है। खाद आते ही तत्काल वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

- सौरभ भारद्वाज, डीएमओ जिला विपणन मार्कफेड बालोद

Posted By: Nai Dunia News Network

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