बालोद। तीज पर्व पर महिलाएं अपने मायके जाती हैं। इस दौरान अपने सहेलियों से मिलती हैं। अपनी बहनों को तीजा लेने वाले भाइयों की मुलाकात भी अपने बहनों और भांजा- भांजी से होती है। यह पर्व एक पारिवारिक मेल मुलाकात का भी होता है। जहां हम पुरानी यादों को ताजा करते हैं। ऐसे ही एक मामा और भांजी के स्नेह की अनूठी मिसाल पेश की गई ग्राम सिर्राभांठा में। जहां रहने वाले राजेश कुमार सिन्हा ने तीज पर्व के दिन ही अपनी भांजी डिंपल सिन्हा का जन्मदिन पड़ने पर गांव के 4 सौ से ज्यादा माता और बहनों को करूभात खिलाया। अपने घर के पास स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में गांव की माताओं, बहनों ने करू भात खाया और तीज उपवास शुरू किया। इस काम में राजेश सिन्हा के नेतृत्व में जय हनुमान मित्र मंडल के युवाओं व ग्रामीणों सहित जय शीतला मां सेवा मंडली के लोगों ने भी योगदान दिया।

डिंपल सिन्हा का जन्मदिन भी करू भात आयोजन के पूर्व मनाया गया और गांव की सभी माताएं बहने इस जन्मदिन के साक्षी बने। सभी ने भांजी को ढेर सारा प्यार दिया। तो वहीं मामा, भांजी के इस रिश्ते और स्नेह को ग्रामीणों ने एक मिसाल बताया। राजेश सिन्हा की बहन टोमिन सिन्हा का ससुराल अंडा (दुर्ग) है। जहां से वह तीज मनाने के लिए सिर्राभांठा अपने गांव आई थी। अपनी बहन और भांजी के स्नेह के चलते पर्व के एक दिन पहले मुंबई में रह रहे समाजसेवी राजेश सिन्हा ने अपना फर्ज निभाने के लिए रात में फ्लाइट से रायपुर होकर ग्राम सिर्राभांटा पहुंचा और भांजी का जन्मदिन के साथ गांव की सभी बहनों व माताओं के लिए करू भात का आयोजन रखा।

समाजसेवी राजेश सिन्हा पहले भी गांव के विकास और लोगों की मदद को लेकर कई कार्य कर चुके हैं। जिसके चलते क्षेत्र में उनकी अलग पहचान है। वहीं इस तीज पर्व पर भांजी के जन्मदिन को भी यादगार मनाते हुए गांव की सभी माताओं और बहनों का सम्मान इस करू भात आयोजन के जरिए बढ़ाया गया। आयोजन में उनके भाई खिलावन सिन्हा शाला समिति अध्यक्ष, चाचा अमृतानंद सिन्हा, रूप चंद जैन, सालिक ठाकुर, तीजू साहू, बरातू साहू, दुकालू राम ठाकुर, टीका राम साहू व सभी सदस्यों का सहयोग रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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