वाड्रफनगर(नईदुनिया न्यूज)। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन के साथ ही ठेका प्राप्त रेत खदानों से उत्खनित रेत को नियम विरूद्घ तरीके से उत्तरप्रदेश ले जाने की लगातार आ रही शिकायत के बीच खनिज विभाग ने ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए चार हाइवा व एक पोकलेन मशीन को जब्त किया है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत की अवैध उत्खनन की लगातार आ रही शिकायत के बीच ऐसी कार्रवाई लगातार किए जाने की मांग की जा रही है।

बलरामपुर जिले में कुछ रेत खदानों को ठेके पर दे दिया गया है। वहां से उत्खनित रेत को भी वर्तमान परिस्थिति में पड़ोसी प्रांतों में नहीं ले जाना है, लेकिन नियम विरूद्घ तरीके से सेटिंग के आधार पर रेत का अवैध परिवहन उत्तरप्रदेश किया जा रहा था। जिन खदानों को ठेके पर नहीं दिया गया था, वहां से भी अवैध उत्खनन की शिकायत सामने आने लगी थी। आखिरकार खनिज विभाग को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। तहसील मुख्यालय वाड्रफनगर से 10 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत परसडीहा के मोरन नदी पर रेत के अवैध उत्खनन की तैयारी एक दिन पहले से ही की जा रही थी। रातो-रात नदी तक सड़क निर्माण का कार्य करा लिया गया था। सुबह रेत का अवैध उत्खनन शुरू कर दिया गया था। पोकलेन द्वारा सड़क निर्माण किए जाने से ग्रामीण असमंजस में थे। उसी दिन शाम होते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए थे। सुबह जैसे ही नदी पर पोकलेन और हाईवा उतरे वैसे ही ग्रामीण एकजुट होकर वहां पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों से संपर्क साधा, लेकिन कोरोना संक्रमण के इस दौर में तमाम अधिकारी व्यस्त नजर आए और उन्हें जवाब भी व्यस्तता का मिला। आरोप है कि ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहंी हुई। इधर गांव वाले अवैध उत्खनन के खिलाफ लामबंद होकर विरोध करने में अड़े रहे। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए खनिज विभाग की एक टीम अवैध रेत उत्खनन स्थल पर पहुंची। उन्होंने पाया कि अवैध रूप से रेत से भरी एक हाइवा मौके पर मौजूद है। तीन अन्य हाईवा अपने बारी के इंतजार में खड़े थे। खनिज निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने एक पोकलेन व एक हाइवा को जब्त कर लिया। गांव वालों को संतुष्ट करने की कोशिश खनिज अमले द्वारा की जाती रही। हाईवा तथा पोकलेन को पंचायत सरपंच को सुपुर्द करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण इसका विरोध करने लगे। मामले की जानकारी जब एसडीएम को लगी तो वे भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम के समक्ष ग्रामीणों ने मांग रखी कि सभी वाहनों को जब्त कर पुलिस के सुपुर्द किया जाए। ग्रामीणों की बात मानते हुए पोकलेन छोड़ अन्य चारों हाइवा को वाड्रफनगर चौकी के सुपुर्द किया गया। खनिज निरीक्षक के मुताबिक क्षेत्र में मेंढारी का खदान ही ठेके पर दिया गया है, लेकिन इसकी आड़ में अवैध उत्खनित रेत को भी मेंढारी का बताकर वैध परिवहन की कोशिश की जा रही थी। पूछताछ में पता चला है कि बिना ठेका प्राप्त स्थल से रेत का उत्खनन कर हाईवा में भरकर मेंढारी के रेत खदान में भेजा जा रहा था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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