राजपुर(नईदुनिया न्यूज)। बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत राजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ सरपंचों ने मोर्चा खोल दिया है। 14वें वित्त की राशि मनमाना तरीके से पंचायतों के खाते से दूसरे खातों में अंतरित कराए जाने सहित बिना स्वीकृति जिला स्तर से स्कूलों में टाइल्स लगवा वर्तमान सरपंचों से एक लाख से लेकर ढाई लाख रुपये तक जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इस गड़बड़ी में जनपद सीईओ के साथ कंप्यूटर आपरेटर की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए सरपंचों ने पंचायत के कैश बुक संधारण में आ रही दिक्कतों की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया है। सरपंचों ने राजपुर के जनपद सीईओ को तत्काल हटाए जाने की मांग भी की है।

सरपंच संघ राजपुर के बैनर तले लामबंद हुए विभिन्न पंचायतों के सरपंचों ने संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रेषित किया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायतों से राशि आहरण का प्रस्ताव मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अनुशंसा से होता है। प्रस्ताव में अनुशंसा के एवज में 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है। आरोप है कि पंचायतों के प्रस्ताव से अधिक राशि पंचायतों के बैंक खाता से दूसरे खाता में अंतरण किया गया है। यह पंचायत के अधिकारों का हनन है। उक्त राशि की भरपाई कैसे होगी तथा अभिलेख संधारण कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। अंतरण की राशि किन-किन लोगों के खातों में गई है, यह बड़ा सवाल है। इसकी जांच होनी चाहिए। पिछले पंचवर्षीय योजना में जिला स्तर से कई स्कूलों में बिना किसी तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति के टाइल्स लगवाने का काम करवा दिया गया था। यह कार्य किसके आदेश पर कराया गया इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है, लेकिन वर्तमान सरपंच ऊपर दबाव बनाकर राशि जमा कराई जा रही है। पंचायतों के खाते से नियम विरुद्ध तरीके से जमा कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कई पंचायतों से राशि वसूल भी कर ली गई है। ज्ञापन में उल्लेख है कि 14वें वित्त की राशि से गांव के विकास के लिए एक भी कार्य नहीं हो पाता। जरूरी कार्य छूट जाते हैं, इसलिए शिकायत की जांच जरूरी है। सरपंच संघ अध्यक्ष के अलावा ग्राम पंचायत ठरकी, उकिया, बरियो, नवकी, झींगो, उलिया सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच ने ज्ञापन में हस्ताक्षर किया है। इन तमाम वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत को लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरीश एस का कहना है कि सरपंचों की ओर से सामने आई शिकायतों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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