बलरामपुर(नईदुनिया न्यूज)। जिला अस्पताल में एक साल की बच्ची के चेहरे में हुए घाव का उपचार कराने लाए परिजनों को वहां के डाक्टर ने रोग की गंभीरता को देख हायर सेंटर की जगह रामानुजगंज स्थित एक निजी क्लीनिक में भेज दिया। आरोप है कि वहां इलाज में हुई गड़बड़ी से बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने इस मामले की शिकायत स्थानीय थाने में करते हुए डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल कृष्ण मिश्रा व सांसद प्रतिनिधि धीरज सिंहदेव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर श्याम धावड़े से मुलाकात कर जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं से अवगत कराते हुए इसमें तत्काल सुधार की मांग की।

जिला अस्पताल में ग्राम पचावल निवासी प्रेमनारायण सोनी अपनी पत्नी पूनम देवी के साथ रविवार को एक साल की बेटी बिंदिया सोनी के घाव का उपचार कराने आए थे। वहां के एक डाक्टर ने जांच के बाद उसे रामानुजगंज स्थित निजी क्लीनिक में इलाज कराने भेज दिया। उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। साधारण घाव के इलाज में बच्ची की जान जाने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि डाक्टर ने जिला अस्पताल से अंबिकापुर की जगह रामानुजगंज भेज दिया, जबकि वहां उपचार संभव था। बहरहाल बच्ची की मौत के मामले में भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर इसकी उच्चस्तरीय जांच एवं अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को संज्ञान लेकर जिले की टीम द्वारा नियमित निरीक्षण करा व्यवस्था को सुधारने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में सांसद प्रतिनिधि अमित गुप्ता, गौतम सिंह, दिलीप सोनी, राजेश सिंह आदि शामिल थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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