बलरामपुर/रामानुजगंज ।एक दिसंबर से धान खरीदी के दौरान बिचौलियों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। बलरामपुर कलेक्टर ने एसडीएम व अन्य अधिकारियों से कन्हर नदी के समीप स्थित कृषि उपज मंडी बैरियर की अचानक देर रात वाहनों के आवक-जावक रजिस्टर की जांच कराई। उपस्थित कर्मचारियों को समझाइश दी गई कि यदि किसी भी तरह की संदिग्ध सामग्री बैरियर पार कर लाया जाता है तो तत्काल इसकी सूचना दें।

समितियों में धान खरीदी शुरू होते ही बिचौलिए सक्रिय हो जाते हैं और किसानों की ऋण पुस्तिका लेकर समितियों के प्रबंधकों से मिलीभगत कर धान को बिक्री कर देते हैं। गत वर्ष तत्कालीन कलेक्टर हीरालाल नायक और तहसीलदार पंचराम सलामे सहित अन्य अधिकारियों ने उत्तरप्रदेश के बार्डर त्रिशूली, कामेश्वरनगर सहित भंवरमाल में दूसरे प्रदेशों से लाते वक्त कई वाहनों को तस्कर सहित पकड़ा था।

यही नहीं कई धान तस्करों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध भी किया गया था। इस वर्ष कलेक्टर संजीव झा ने भी खरीदी शुरु होने से पहले ही दूसरे प्रांतों से धान न खपा सकें इसके लिए कड़ाई शुरु कर दी है। कन्हर नदी के पुल पर स्थित कृषि उपज मंडी बैरियर में एसडीएम अजय कुमार लकड़ा, एसडीओपी नितेश कुमार गौतम, तहसीलदार भरत कौशिक और कृषि उपज मंडी के सचिव चमरू प्रसाद गुप्ता ने अचानक देर रात छापा मारा।

एसडीएम लकड़ा ने बताया कि इस वर्ष एक दिसंबर से समिति में धान खरीदी किया जाना है। इस बार कामेश्वरनगर समिति के चूना पाथर, धवली, अनिरुद्धपुर एवं कन्हर नदी स्थित जांच बैरियर स्थापित किया जाएगा। जहां रात दिन तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगे। सभी बैरियर में पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पुलिस विभाग के आरक्षक, वनपाल, कोटवार एवं श्रमिक धान खरीदी किए जाने के दिन से तैनात रहेंगे। इसके साथ हर खरीदी केंद्र में पटवारी और कृषि विस्तार अधिकारी भी रहेंगे। उन्होंने बताया कि दो उड़नदस्ता दल भी बनाया जा रहा है जिसमें एसडीएम, एसडीओपी अपने-अपने दल लेकर क्षेत्र का मुआयना करेंगे।

लाइसेंसधारी व्यापारियों की होगी जांच

एसडीएम अजय कुमार लकड़ा ने कहा कि कृषि उपज मंडी द्वारा दिए गए अनुज्ञप्तिधारी 61 बड़े व्यापारी और 342 छोटे व्यापारी हैं। कई ऐसे व्यापारी हैं जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कम दरों में धान लेकर गोदामों में जमाखोरी करते हैं और समय-समय पर ऋण पुस्तिका लेकर समितियों में धान बिक्री करते हैं।

राइस मिलर है संदेह के दायरे में

एसडीएम ने बताया कि रामानुजगंज क्षेत्र के अंतर्गत आठ राइस मिल स्थापित है जहां पर धान और चावल की हेराफेरी की आशंका बनी रहती है। यह देखा जाएगा कि समितियों से जितना धान दिया गया है उतना चावल निकाल पा रहे हैं। साथ ही चावल के साथ उनके बिजली रीडिंग भी देखे जाएंगे ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में मिलर कितना चावल का उत्पादन कर रहे हैं। बिजली रीडिंग हेतु समय-समय पर कर्मचारियों को भी नियुक्त किए जाएंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network