जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दक्षिण-मध्य बस्तर में एक बार फिर वर्षा के कारण स्थिति बिगड़ने लगी है। दो दिन मौसम खुला रहने के बाद शनिवार रात से फिर वर्षा शुरू हो गई है। इसके कारण दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर जिले में जनजीवन पर असर पड़ा है। वर्षा के कारण रविवार को किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन के किरंदुल रेल सेक्शन में दो जगहों बचेली-भांसी और दंतेवाड़ा कमलूर के बीच पेड़ों के उखड़कर रेलमार्ग पर गिरने के कारण रेल आवागमन ठप पड़ गया है।

कोरापुट-रायगढ़ा केआर रेलमार्ग में सिकरपाई और केंऊटगुड़ा के स्टेशनों के बीच पहाड़ से बोल्डर के टूटकर रेलपटरी पर गिरने से रेल आवागमन पर पड़ा। देर शाम समाचार लिखे जाने तक दोनों लाइनों में किरंदुल व रायगढ़ा सेक्शन में रेल आवागमन बंद था। पेड़ के उखड़कर रेलमार्ग पर गिरने की पहली घटना दोपहर बाद तीन बजे बचेली-भांसी के बीच हुई। इसके आधा घंटा बाद ऐसी ही घटना दंतेवाड़ा-कमलूर स्टेशन के बीच हुई।

दोनों घटनाओं में ओएचइ ओव्हर हेड इलेक्ट्रिक लाइन (विद्युत तार) को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। किरंदुल रेल सेक्शन के अधिकारियों ने बताया कि पेड़ हटाने व ओएचइ को ठीक करने श्रमिकों के साथ रेलवे की टीम मौके पर शाम चार बजे रवाना कर दी गई थी। रेलमार्ग बाधित होने से मालगाड़ियों का आवागमन बंद है। देर रात तक मार्ग बहाल होने की संभावना जताई गई है। रेलमार्ग बाधित होने का असर यात्री ट्रेनों के आवागमन पर नहीं पड़ा क्योंकि नक्सलियों के भय 15 अगस्त तक किरंदुल पैसेंजर और किरंदुल नाइट एक्सप्रेस दोनों गाड़िया किरंदुल की बजाय दंतेवाड़ा से चलाई जा रही हैं।

चौथे दिन भी कटा रहा तेलंगाना से संपर्क

वर्षा के कारण सबरी नदी का पानी कोंंटा-चेटटी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर वीरापुरम में जलभराव होने से लगातार चौथे दिन रविवार को कोंटा का सड़क संपर्क पड़ोसी राज्य तेलंगाना से कटा रहा। यहां सबरी नदी का जलस्तर वार्निंग लेवल 11 मीटर से अधिक रविवार दोपहर में 12.75 मीटर पर था। अधिकारियों का कहना है कि वर्षा इसी तरह जारी रही तो सबरी नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इससे मार्ग के जल्दी खुलने की संभावना क्षीण होगी। बीजापुर जिले में भी वर्षा के कारण जनजीवन पर असर पड़ा है।

ज्ञात हो कि पूरे प्रदेश में इस साल सबसे अधिक वर्षा इसी जिले में हुई हैं जहां सामान्य से दोगुनी वर्षा हो चुकी है। दंतेवाड़ा जिले में भी वर्षा जारी है। यहां मध्य बस्तर में शनिवार रात से ही रुक-रुककर वर्षा हो रही है। इंद्रावती नदी का जलस्तर पुराना पुल के पास केंद्रीय जल आयोग के गेज साइट पर शाम पांच बजे 5.45 मीटर पर था। दक्षिण व मध्य बस्तर में नालों में बाढ़ के कारण कुछ अंदरूनी क्षेत्र मुख्य मार्गों से कटे हुए हैं।

क्या पूर्वानुमान है मौसम विभाग का

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 अगस्त को भी बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में वर्षा होने के आसार बने हुए हैं। यहां अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से भारी वर्षा हो सकती है। आगामी 24 घंटे के लिए (सोमवार शाम तक) वर्षा के पूर्वानुमान के अनुसार बस्तर एवं दंतेवाड़ा जिले को रेड जोन और संभाग के शेष जिलों कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर को आरेंज जोन में रखा गया है।

Posted By: Pramod Sahu

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