बेमेतरा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंडियन ओवरसीज बैंक बेमेतरा में 14 करोड़ की राशि लोन के रूप में अवैध तरीके से 180 खाताधारकों में ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। प्रथम तौर पर पूरे प्रकरण में बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास सहित चार ग्रामीणों के नाम सामने आ रहे है। इसे लेकर इंडियन ओवरसीज बैंक के शाखा प्रबंधक राजू पाटनवर ने पूर्व शाखा प्रबंधक विनीत दास, कमलेश सिन्हा (बेमेतरा) सोहन वर्मा (केवाछी) नागेश वर्मा और टीकाराम माथुर के नाम पर फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई गई है।

पहले भी घट चुकी है इस तरह की घटना

पूर्व शाखा प्रबंधक सहित चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420 409 120 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विदित हो कि यह कारनामा तत्कालीन शाखा प्रबंधक के द्वारा एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया और 14 करोड़ की राशि का लोन के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया।

पुलिस जांच में कई तथ्य आ सकते है सामने

ज्ञात हो कि पूर्व में भी इस तरह की कई घटनाओं में मामला दर्ज किया गया,लेकिन करोड़ों रुपए का हेराफेरी कर आरोपित कुछ दिनों तक जेल में रहने के बाद अब व्यवसाय कर रहे है। पुलिस का कहना है कि इसी तरह के गिरोह के सदस्य अलग-अलग बैंकों को निशाना बनाते है। बैंक प्रबंधक को पैसे की लालच देकर अपने मंसूबे पर कामयाब हो जाते है। पुलिस की जांच में और भी कई चौंकाने वाले तथ्य आ सकते हैं ।

180 खाताधारक भी जांच के दायरे में

पुरे मामले में तत्कालीन पूर्व शाखा प्रबंधक सहित चार ग्रामीणों को मुख्य आरोपित बनाया गया है, लेकिन 14 करोड़ की राशि 180 खाताधारकों में ट्रांसफर की गई। खाताधारकों ने रुपए भी निकाले लिए है। ऐसे में पूरे प्रकरण में कहीं ना कहीं 180 खाताधारकों की भी संलिप्तता की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि उनके खाते में राशि एक सुनियोजित साजिश के तहत जमा की गई । और खाताधारकों के द्वारा उक्त राशि का आहरण भी किया गया ।

चल रही है जांच: टीआइ

कोतवाली थाना प्रभारी पीपी अवधिया ने कहा कि इंडियन ओवरसीज बैंक के शाखा प्रबंधक राजू पाटनवर के माध्यम से दिए गए आवेदन और दस्तावेज के आधार पर पांच लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। दस्तावेज के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।

Posted By: Pramod Sahu

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