बेमेतरा। शनिवार की शाम एक बार फिर हवा तूफान के साथ बारिश ने फिर से अपना कहर बरपाया। जिससे समितियों में पड़े धान तथा गेहूं की फसल पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। इन दिनों अंचल में गेहूं की कटाई किसानों द्वारा की जा रही है, किंतु आज की बारिश से एक बार फिर से वे किसान निराश होंगे जो अपनी फसलों को अब तक बारिश से बचा चुके थे तथा की कटाई कर रहे थे। वहीं समितियों में पड़े हुए धान जो कि परिवहन का इंतजार कर रहे हैं एक बार से भीगने की आशंका है।

इस वर्ष मौसम के मिजाज लगातार बिगड़ते रहे तथा बारिश होती रही है। वहीं समितियों में खरीदे गए धान का परिवहन नहीं हो पाने के चलते आज भी 10 लाख क्विंटल से भी ज्यादा धान समितियों में पड़े हुए हैं। अब उन धानों को एक बार फिर बारिश का सामना करना पड़ रहा है। धान का समुचित उठाव नहीं हो पाने के का कारण अधिक मात्रा में धान के खराब होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है तथा इसका सीधा सीधा नुकसान समितियों को उठाना पड़ सकता है।

तापमान में आई कमी

शाम होते ही हवा तूफान के साथ बारिश होने के चलते गर्मी से लोगों को राहत मिली है, किंतु उक्त बारिश ने एक तरह से लोगों को निराश किया है या कहा जा सकता है क्योंकि अब तक लोगों को यह उम्मीद बंधी थी कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने से वैश्विक महामारी कोरोना के वायरस पर नियंत्रण लगाने में बढ़ा हुआ तापमान सहयोगी होगा, किंतु अब तक जिस तरह से मौसम के मिजाज से बेमौसम बारिश के हालात बने हैं उसके चलते एक बार निराशा ही हाथ आप आई है। सामान्यतः इन दिनों का तापमान जहां 40 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है, वहीं वह तापमान अब तक 35 डिग्री के आसपास ही पहुंच पाया है।

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फोटो-कवर्धा-6

चिल्फीघाटी(नईदुनिया न्यूज)। बोड़ला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में शनिवार को अचानक मौसम में बदलाव आ जाने के चलते तेज आंधी तूफान के साथ ओलावृष्टि हुई, जिसमें घरों के छप्परों को नुकसान हुआ है। सड़क पर पेड गिरने से मार्ग भी अवरुद्घ रहा। बताना लाजमी है की एक ओर कोरोना वायरस का दहशत गांव-गांव में देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बरसात से लोगों को परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है। शनिवार को लगभग तीन बजे के आसपास मौसम में अचानक बदलाव आ जाने से देर शाम तक तेज आंधी तूफान के साथ ओलावृष्टि के चलते घरों के छप्पर उड़ गए । आंधी तूफान इतना तेज था कि दर्जनों पेड़ गिर गए, जिससे आवागमन बाधित रहा। ब्लाक के अंतिम छोर पर बसा बैगा बाहुल्य ग्राम बोक्करखार के टिर्रु सिंह ने बताया कि आंधी तूफान के चलते मेहनत से बनाई घर के छप्पर गिरकर टूट फूट गए हैं। पानी के घर में रखे सामान व राशन भीग गए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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