थानखम्हरिया। नईदुनिया न्यूज

नगर सहित ग्रामीण अंचल में भू-जल स्तर तेजी से नीचे गिरने के कारण पानी का संकट गहराने लगा है। सावन महीने का पहला सप्ताह बीतने को है पर मौसम की बेरूखी परेशानी का सबब बनती जा रही है। बारिश के महीने में कुआं, नदी, नाले व तालाब सूखे पड़े हैं। बोर पंप तथा हैंड पंप हॉफने लगे हैं। क्षेत्र में जलस्तर 200 सौ फीट से नीचे चला गया है। पानी के अभाव में खेत सूखने लगे हैं। जिससे किसान दिन-रात आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। वहीं लोगों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

विगत दो तीन वर्षों से क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं होने के चलते भू-जलस्तर दिन ब दिन गिरते ही जा रहा है। बारिश के महिने में भी वर्षा न होने से पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्ना हो गई है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में औसत बारिश कम होने से जलसंकट प्रशासन और आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। जल स्रोत रिचार्ज नहीं हो सके हैं। किसानों को सिंचाई में दिक्कत आ रही है। नगर में पानी सप्लाई के 55 मोटर पंप हैं फिर भी नगरवासियों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। इस दिशा में और ठोस पहल करने की आवश्यकता है। जलस्तर बनाए रखने दो तीन वर्ष पूर्व शासन द्वारा यहां स्थित नदी में स्टापडेम बनवाया गया है। जिसके पानी का चोरी-छिपे उपयोग कई किसानों द्वारा कृषि कार्य में किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन पर रोकथाम नहीं लगायी गयी तो शीघ्र ही समस्या और भी विकराल रूप ले लेगी।

सफेद हाथी साबित हो रही नगर की दो-दो पानी टंकियां

नागरिकों को शासन की जल आवर्धन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नगर में जल आवर्धन योजना के तहत निर्मित पानी टंकियों व पाइप लाइन विस्तार का लाभ नगरवासियों को नहीं मिल रहा है। सालों बीत जाने के बाद भी नगरवासी अब तक इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित हैं। पूरे गर्मी के सीजन में पेयजल आपूर्ति में फिसड्डी रही नगर पंचायत में आज भी कई मोहल्लों को पेयजल की गंभीर समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। करोड़ों की लागत से नगर में जल आवर्धन योजना के तहत पाइप लाइन तो बिछा दी गई है पर आज तक पानी की एक बूंद भी नागरिकों के हलक में नहीं उतरा है।

जल आवर्धन योजना को पटरी पर लाने में पूरी तरह नाकाम रही नगर पंचायत

जल आवर्धन योजना के तहत नगर में जल आपूर्ति करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से पानी टंकियों का निर्माण किया गया और शिवनाथ नदी से पाइप लाइन बिछाकर उसे टंकी से जोड़ने की योजना बनाई गई है। मगर इस योजना का लाभ नगरवासियों को अब तक नहीं मिल सका है। जल आवर्धन योजना के तहत शुरूआती दौर में ही पाइप लाइन विस्तार में गड़बड़ी की शिकायत आने लगी थी। योजना के तहत पीएचई विभाग द्वारा निर्माण कार्य के दौरान इसकी सही मानिटरिंग नहीं की गई। इसके चलते आज तक जल आवर्धन योजना का लाभ नगरवासियों को नहीं मिल सका है।