देवरबीजा। नईदुनिया न्यूज

देवरबीजा में विगत दिनों एक मामला को लेकर स्थानीय लोगों ने कलेक्टर कार्यालय का रूख किया। जिसमें स्थानीय इलाके में खादी उद्योग के सहारे धागा बनाने का कार्य करने वालों ने जिला प्रशासन को अपनी समस्याओं को लेकर एक शिकायत पत्र जाहिर किया है। जिसमें बताया गया है कि जिले के ग्राम देवरबीजा में स्थापित ग्रामोद्योग उत्पादन केंद्र में करीब 80 स्थानीय महिला मजदूर कार्यरत है। जिनके लिए समय पर पैसा न मिलना व पर्याप्त काम का अभाव होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मासिक वेतन माह वार नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी है। वही प्रबंधन द्वारा मशीनों की खराब होने पर मरम्मत भी नहीं कराया जाता। जिससे कई दिनों तक उत्पादन कार्य प्रभावित होता है। केंद्र में समय पर वेतन न मिलने व कुछ बात रखने पर गाली-गलौज के साथ अभद्र व्यवहार करते है। जिससे काफी लोगों को मजबूरी में ही काम छोड़ने पर विवश होना पड़ रहा है। वहीं विगत दो जून व छह जुलाई को धागा जमा की गई थी जिसकी भुगतान आज तक नहीं की गई। तो वहीं हर माह कई लोगों से तीन किलो का पैसा ही नहीं देती। हम लोगों के प्रत्येक माह पैसे की कटौती का राशि भी जमा होती है। जिसकी जानकारी तक प्रदान नहीं की जाती। कटौती का जमा पैसा सिर्फ कुछ लोगों को ही दी जाती है। वहीं ज्यादातर लोगों को कटौती का पैसा जरूरत पर मांगने पर नहीं दिया जाता। ऐसे कई अनियमितता लगातार बरतती जा रही है। जिस पर संबंधित प्रशासन व विभाग को तत्काल संज्ञान में लेकर इस बाबत उचित व्यवस्था करनी चाहिए। वर्तमान में हम 20 लोगों का चरखा खराब है। जिसे नया चरखा मिलना चाहिए ताकि उत्पादन काम निरंतर चलता रहे। लेकिन प्रबंधन लापरवाही बरतते है। वहीं खादी ग्रामोद्योग उत्पादन केंद्र देवरबीजा के प्रबंधक क्षीर सागर पराते कब आते है कब चले जाते है जिसका भी पता नहीं चलता है। ऐसे ढेरो दर्जनभर मांग व शिकायत को लेकर जिला प्रशासन के पास उचित न्याय के लिए फरियाद की गुहार आम ग्रामोद्योग में काम करने वाली प्रभावित महिला मजदूरों ने लगाई है। शिकायत करने वाले महिलाओं में पूर्णिमा साहू, जानकी देवांगन, लक्ष्मी, द्वोपती, सहोदा, गंगा बंजारे, माधुरी, पुष्पा, ममता साहू, पुन्नाी, गायत्री, पायल लीला, मीना, संतोषी, सकुन, रतनी, गजरा, पंचबती, कौशल्या बाई, अनिता, गौरी, अंजु, किरण, हेमीन अन्य महिला उपस्थित रहे।