बेमेतरा। नईदुनिया न्यूज

प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप- सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा अउ बाड़ी के सरंक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। इसी क्रम में बुधवार को गौठान प्रबंधंन एवं संचालन विषय पर जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कृषि, पशुपालन, मछली पालन, उद्यानिकी, जल संसाधन, पंचायत विभाग के विकासखंड एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने कहा कि गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और गांव को समृद्घशाली बनाने के लिए सुराजी गांव योजना चलाई जा रही है। जिले में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत 66 गौठान का निर्माण कर लिया गया है। ग्रामीणों को गौठान से जोड़कर रोजगार मूलक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इस कार्य में महिला समूहों को जोड़ा जा रहा है ताकि इसके माध्यम से वे अपनी अजीविका चला सके और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सके। गौठान प्रबंधन समिति में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। गौठान के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर गौठान प्रबंधन समिति को मजबूत किया जाएगा। कलेक्टर ने किसानों से फसल अवशेष खेत में न जलाने की अपील की। किसान गौठानों में चारा हेतु पैरा दान कर सकते हैं। फसल अवशेष जलाना नेशनल ग्रीन ट्यूबनल (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन है। गौठान को डे-केयर के रूप में विकसित किया जाएगा। दुग्ध उत्पादन से ग्रामीणों की आमदनी बढ़ेगी।

राज्य ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान निमोरा रायपुर के मास्टर ट्रेनर आनंद रघुवंशी ने कम्प्युटर आधारित प्रस्तुतिकरण के जरिए सुरूचि पूर्ण ढंग से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि पुराने अवस्था में समृद्घ गांव की कल्पना को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा नरवा, गरूवा, घुरूवा अउ बारी योजना संचालित की जा रही है। सब्जी का उत्पादन गांवों में ही होने लगे ताकि लोगों की जरूरतों की पूर्ति गांवों से ही हो सके। जब गांव समृद्घ होगे तो प्रदेश भी समृद्घ बनेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3500 से ज्यादा नरवा है। भारत के कुल 173 में से 83 लोक कलाएं छत्तीसगढ़ में विद्यमान है। हिमालय के बाद छत्तीसगढ़ दूसरा स्थान है जहां से अधिक नंदिया निकलती है। प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा तालाब है। शासकीय कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र ढोलिया बेमेतरा के डीन डॉ.केपी वर्मा ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश कुमार सर्वे, परियोजना अधिकारी जिपं बीआर मोरे कार्यपालन अभियंता जलसंसाधन कुलदीप नांरग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विनोद रजक, उप संचालक कृषि एचएस राजपूत, जनपद पंचायत साजा, नवागढ़, बेमेतरा एवं बेरला, सीईओ, एसडीओ आरइएस, उप अभियंता, तकनीकी सहायक, सहायक विकास विस्तार अधिकारी एवं कृषि विज्ञान केंद्र ढोलिया के कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network