नवागढ़ (नईदुनिया न्यूज)। Bemetara News विकासखंड के पटवारी हल्का नंबर 11 में लगने वाले सोलर प्लांट का विरोध तेज होने लगा है। इस हल्के के अंतर्गत ग्राम मुरता, हरमुड़ी, लालपुर और कौड़िया आता है, इन गांवों के किसानों ने विरोध के स्वर बुलंद करने लगे है। ग्राम मुरता में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।

वहीं ग्राम कौड़िया और लालपुर के किसान लामबंद हो रहें है। आने वाले दिनों में प्लांट के विरोध में किसान सड़कों में उतरकर जंगी प्रदर्शन करने के मूड में नजर आ रहें है। ग्राम मुरता के किसान लोकेश साहू, भुखल्ला साहू, थनवार साहू, मोती बढ़ई, इंदरमन साहू, प्रीतराम साहू ने बताया कि बीतें दिनों क्षेत्र के किसानों ने बड़ी संख्या में बेमेतरा कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे थे। वहीं प्रदेश के संसदीय सचिव एवं नवागढ़ विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे को भी मामले में संज्ञान लेने के लिए ज्ञापन सौंपा जा चुका है।

लेकिन जिम्मेदार अफसरों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अबतक किसान हित में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। जिससे किसानों में आक्रोश है। प्लांट को लेकर किसानों के कुछ सवाल है । जिनके समय रहते जवाब मिलना जरूरी है, नहीं तो स्थिति भयावह हो जाएगी। आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में किसानों के आक्रोश को हल्के में लेना शासन प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

कृषि कार्यों में किसानों को आएगी दिककतें: दरअसल, हीरा फेरो एलायज लिमिटेड द्वारा सौर प्लांट लगाने का काम शूरू हो चुका है। दूसरी ओर किसानों ने विरोध तेज कर दी है। पिछले दिनों किसानों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए तीन बिंदुओं पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ग्राम मुरता के 166 एकड़ कृषि भूमि में प्लांट लगना प्रस्तावित है। उक्त भूमि के चारों ओर बाउंड्रीवाल किया जाएगा, ऐसे में आसपास के किसानों को उनके खेतों तक आने-जाने और कृषि कार्यों में दि-तें आएगी। जिस पर संज्ञान लेते हुए मध्यस्थता की मांग की गई है।

औद्योगिक प्रयोजन का अर्थ स्पष्ट करें कंपनीः हीरा फेरो एलायज लिमिटेड द्वारा औद्योगिक प्रयोजन सौर ऊर्जा प्लांट क्षमता 60 मेगावाट के स्थापना, निर्माण, उत्पादन ,बाउंड्रीवाल कार्य औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रयोजन हेतु बिजली इत्यादि कार्य हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए है। लेकिन किसानों को शंका है की भविष्य में कंपनी दूसरा प्लांट भी लगा सकता है जो आसपास के कृषिभूमि को प्रभावित करेंगी।

इससे जनजीवन प्रभावित होगा। ऐसे में कंपनी स्पष्ट करें कि औद्योगिके प्रयोजन का अर्थ क्या है और यह लिखित में दें कि कंपनी सौर प्लांट के अलावा कोई दूसरा प्लांट नहीं लगाएगी। साथ ही प्लांट लगने से ग्रामीणों को कंपनी द्वारा सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) के तहत कौन -कौन सी सुविधाएं मुहैया कराया जाएगा इसकी जानकारी लिखित में सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए। ग्राम सभा नहीं होने से ग्रामीणों में रोषः मुरता के किसानों ने कहा कि पंचायत द्वारा प्लांट लगाने के लिए सरपंच और कुछ पंचो की उपस्थिति में अनापत्ति प्रमाण पत्र कंपनी को जारी कर दिया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close