बेमेतरा। एलन्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा में भारतरत्न सुभाषचंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया गया। स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष कमलजीत अरोरा ने कहा कि नेता जी क्रांतिकारी सोच के आदर्श महापुरूष थे। उनका सम्पूर्ण जीवन अनुकरणीय है। वे प्रत्येक राष्ट्र प्रेमी भारतीय के प्रेरणा स्रोतहैं। वे दृढ़ संकल्पी, निर्भीक और फौलादी जिगर के महामानव थे, जिनके इरादों को अंग्रेजों ने भांप लिया कि अब भारत में टीक पाना मुश्किल है। उनकी कथनी और करनी में कोई भेद नहीं रहा। वे दूरदर्शी संत प्रवृति के स्वतंत्रता के अवतार थे।

प्राचार्य डॉ. सत्यजीत होता ने कहा कि सुभाष बाबू बचपन से कुशाग्र बुद्घि एवं क्रांतिकारी सोच वाले बालक थे। जिनका विद्या अध्ययन से लेकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन रहस्य से भरा पड़ा था। उनके दिल में भारत माता के लिए अत्यधिक प्रेम, पीड़ा व चिंता थी। सुभाष बाबू न केवल भारतीयों के दिल में राज करते हैं बल्कि विदेशी ताकतें और सरकारें उनकी साहस और नेतृत्व की सराहना करते हैं। उनका जीवन आदर्श उनके उद्घोष 'दिल्ली चलो, जय हिन्द एवं तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा' में समाहित हैं। युवा पीढ़ी के लिए उनका जीवन प्रेरणादायी है।

इसके पूर्व सुभाष जी के तैल्यचित्र में माल्यर्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जय हिंद एवं सुभाष अमर रहे के नारों से सभा स्थल गूंज उठा। स्कूली बच्चों ने सुभाष जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। साथ ही लघु नाटिका के माध्यम से देश भक्ति की भावना प्रकट किए। जयंती समारोह में स्कूल डायरेक्टर पुष्कल अरोरा, स्कूल प्रशासक सुनील शर्मा, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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