बेमेतरा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राशन दुकानों में जांच के दौरान अनियमितता व स्टाक में कमी पाई जाने पर खाद्य विभाग की टीम ने तीन स्वसहायता समूहों का संचालन निरस्त कर दिया गया। इनमें बेरला ब्लाक के ग्राम रांका, बारगांव व खर्रा के स्वसहायता समूह शामिल हैं।

खाद्य विभाग की टीम राशन दुकानों में भौतिक सत्यापन करने पहुंची थी। फूड इंस्पेक्टर जलेश्वर साहू ने बताया कि जांच के दौरान रांका की राशन दुकान में पांच क्विंटल चावल व 17 किलो श-र स्टाक में कम पाई गई। एक लीटर मिट्टीतेल कम मिला। मामले में टीम ने जूही महिला स्वसहायता समूह झलमला का संचालन निरस्त कर दिया। उसकी जगह में हरिओम खाद्य सुरक्षा समिति कठिया को संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि जूही स्वसहायता समूह का संचालन राजकुमारी मानिकपुरी द्वारा किया जा रहा था। हितग्राहियों द्वारा लगातार स्वसहायता समूह की कार्यप्रणाली व समय पर राशन वितरण नहीं करने की शिकायत मिल रही थी। मामले में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में गड़बड़ी पाई गई। जिसके आधार पर समूहों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि पूर्व में जूही महिला स्वसहायता समूह द्वारा मृतकों के नाम से राशन जारी कर लाखों रुपये की गड़बड़ी की गई थी। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तीनों स्वसहायता समूह को संचालन कार्य से हमेशा के लिए निरस्त करने की कार्रवाई की गई। कहीं भी उनके द्वारा संचालन नहीं किया जा सकेगा।

मृतकों व पलायन करने वाले हितग्राहियों के नाम पर की थी गड़बड़ी

फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि पूर्व में भी जूही स्वसहायता समूह द्वारा राशन सामग्री में गड़बड़ी की गई थी। मामला साल 2017-18 का है। जूही स्वसहायता समूह ने 17 मृतकों व पलायन कर चुके 12 हितग्राहियों के नाम पर राशन सामग्री आहरण कर गड़बड़ी की थी। 12 अप्रैल 2018 को जांच में पहुंचे अधिकारियों ने मामला सही पाया था। मामले में सैल्समैन के खिलाफ बेमेतरा थाना में खाद्य विभाग द्वारा 13 मई 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 260/18 धारा 409, 420, 3,7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

समय पर राशन सामग्री नहीं मिलने की शिकायत, दो समूह का संचालन निरस्त

फूड इंस्पेक्टर जलेश्वर साहू ने बताया कि बेरला ब्लाक के ग्राम बारगांव में हितग्राहियों द्वारा पिछले कई दिनों से स्वसहायता समूह द्वारा समय पर राशन सामग्री नहीं दिए जाने व नियमित रूप से मिट्टीतेल का वितरण नहीं करने की शिकायत की जा रही थी। साथ ही समूह द्वारा खाद्यान की राशि विलंब से जमा किया जाता था। मामले में बारगांव की वासुदेव महिला स्वसहायता समूह मुड़पारकला का संचालन निरस्त किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत खर्रा में भी हितग्राहियों ने समय पर राशन नहीं मिलने की शिकायत की थी। मामले में गुरूकृपा स्वसहायता समूह आनंदगांव का संचालन निरस्त किया गया। कार्यवाही के बाद स्वसहायता समूह की जगह में दूसरे समूह को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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