देवकर। साजा जनपद के कई गांवो में इन दिनों किसानों द्वारा रबी की फसल लेने के बाद उसके बचे अवशेष को जलाया जा रहा है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा फसल काटने के बाद बचे अवशेष (पराली) जलाने पर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध लगाया गया है।वहीं इस विषय पर लोगों को समय-समय पर समझाया भी जाता है।परन्तु इसके बावजूद कई गांवो में जागरूकता के अभाव में लोग फसल काटने के बाद बचे अवशेष को गैरजरूरी समझकर आग के हवाले कर देते हैं।जिसका खामियाजा पर्यावरण व प्रकृति की सेहत को चुकाना पड़ता है।चूंकि इन दिनों कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के चलते लॉकडाउन जारी है। पड़ोसी जिले में कोरोना मरीज मिल जाने से हमारे क्षेत्र में भी हलचल तेज है, तो ज्यादातर प्रशासनिक अफसर राहत व बचाव कार्य मे लगे हुए हैं। अवशेष जलाने वाले किसान समस्या को और बढ़ा रहे हैं ,जो कि चिंताजनक है। साजा विकासखण्ड अंतर्गत स्थित देवकर नगर से लगे परिक्षेत्र के ग्राम अकलवारा, हरडूवा, कांचरी, राखी-जोबा, जामगांव, खुरुसबोड़, लुक, सहसपुर, नवकेशा, डेहरी, लालपुर, नारधी, डंगनिया, खपरी, जैसे गांवो में शाम से लेकर देर रात तक पराली जाता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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