बेमेतरा (नईदुनिया न्यूज)। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के 7470 किसानों को खरीफ वर्ष 2020 में बतौर क्षतिपूर्ति के रूप में 26 करोड़ 51 लाख की रुपये की राशि प्रदान की गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी भी लगभग 480 किसानों का लगभग दो करोड़ राशि का भुगतान बाकी है। केंद्र की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एक बार किसानों को फिर से लाभ मिला है। किसानों के खाते में राशि जमा किए जाने की सूचना उन्हें मैसेज में मिल रही थी। इसे लेकर किसानों में इस बात का संशय बना हुआ था कि आज उक्त राशि उनके खाते में कैसे जमा की गई है। इसे लेकर अलग-अलग तर्क भी दिए जा रहे थे, किंतु लगातार किसानों के द्वारा इस संबंध में जानकारी मांगी तो जा रही थी पर वास्तविक जानकारी मिल नहीं पा रही थी। कुछ लोग जहां इसे रबी फसल के क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किए जाने वाले राशि के रूप में बताया जा रहा था, तो कुछ लोगों के द्वारा राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना राजीव गांधी न्याय योजना के तहत उक्त राशि दिए जाने की बात कही जा रही है। किंतु इस संबंध में जब कृषि विभाग के अधिकारी संपर्क किया गया तो जानकारी दी गई कि उक्त राशि 2020 खरीफ फसल की क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई है

बंपर उत्पादन के बाद भी योजना का मिला लाभ कुछ ही किसानों को

बीते वर्ष की अगर बात की जाए तो बीते वर्ष जिले में धान का बंपर उत्पादन हुआ जिस का ही परिणाम है कि जिले में धान की रिकॉर्ड 58,00,000 क्विंटल से भी ज्यादा धान की खरीदी की गई तत्पश्चात लोगों के दिमाग में किसी तरह की कोई क्षतिपूर्ति की राशि दिए जाने की बात बिल्कुल भी नहीं थी किंतु अचानक बीते 2 दिनों से लगातार मोबाइल में मिल रहे मैसेज के चलते किसानों के बीच में तरह-तरह की बातें होने लगी थी मजे की बात तो यह है कि जिले के मात्र 7470 किसानों को भी इस योजना का लाभ दिया गया है लाभ मिलने का क्राइटेरिया क्या है किस आधार पर किसानों को यह लाभ दिया गया है इस संबंध में ना तो किसी तरह की कोई जानकारी मिल रही है ना ही स्पष्ट इस मामले में कोई बता ही पा रहे हैं जिसके लेकर किसानों के बीच में संशय बना हुआ है वहीं जिन किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिला है उन्हें इस बात की उत्सुकता भी बनी हुई है कि आखिर किस मापदंड के तहत या राशि प्रदान की गई है।

क्राइटेरिया उत्पादन तो एक ही गांव में अलग-अलग मापदंड क्यों

हालांकि इस योजना में काफी कम किसानों को ही लाभ मिल पाया है। इसकी मुख्य वजह है बीते वर्ष धान का बंपर उत्पादन का होना किंतु यदि उत्पादन को आधार माना गया है तो जिस गांव में कुछ किसानों को यदि यह राशि दी गई है तो शेष किसान इस योजना से वंचित कैसे हो गए? एक ही गांव में उत्पादन का मापदंड अलग अलग कैसे

उत्पादन के आधार पर हुआ भुगतान

इस संबंध में जब बेमेतरा कृषि उपसंचालक एमडी मानकर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फसल उत्पादन को आधार मानकर बीमा कंपनी के द्वारा राशि का भुगतान किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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