बेमेतरा। मौसम के बिगड़े मिजाज और रविवार को सुबह हुई बारिश ने किसानों की रही सही कसर पूरी कर दी है। अब चना उत्पादक किसान अपनी फसल से पूरी तरह उम्मीद खो चुके हैं। कभी चना उत्पादक के रूप में बेमेतरा जिला अपनी एक पहचान लंबे समय तक बनाई हुई थी। लेकिन पिछले दो वर्षों से मौसम के मिजाज ने किसानों को लगातार धोखा दिया है। गत वर्ष जहां चना उत्पादक किसानों को खासा नुकसान तो उठाना पड़ा ही था। वहीं इस वर्ष भी किसान हताश होकर नई उम्मीद लेकर चने की फसल में अपना भाग्य आजमाए थे। जिले में गत वर्ष की तुलना में लगभग डेढ़ गुना रकबा में किसानों के द्वारा चना की खेती की गई है, किंतु लगातार बेमौसम बारिश और मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों के साथ दगा करने में कोई कसर बाकी नहीं रखा है।

रविवार को सुबह अंचल में हुई बारिश किसानों की रही सही उम्मीद पर पानी फेर दिया है। हालांकि लगभग 1 सप्ताह पहले कुछ इसी तरह के हालात से किसानों को गुजारना पड़ा था। जैसे-तैसे किसान खेतों में अंतिम समय तक पानी निकासी के जुगाड़ में लगे रहे। इसमें कुछ सफलता मिली थी लेकिन एक बार फिर से बारिश ने कहर बरपाया है, और किसानों की रही सही उम्मीद पर पानी फेर दिया है। लगातार इस तरह के मौसम के बिगड़े मिजाज व बारिश से किसान अब पूरी तरह निराश हो चुके हैं। किंतु हालात के आगे किसान अब बेबस ही नजर आ रहे हैं।

एक लाख 70 हजार हेक्टेर में रबी की फसल

जिले में किसानों के द्वारा 170000 हेक्टेयर में रबी की फसल ली गई है जिसमें मुख्य रुप से चना और गेहूं का रकबा सर्वाधिक है। यदि गेहूं और चना का रकबा को जोड़ दिया जाए 120000 हेक्टेयर में चना और गेहूं की खेती किसानों के द्वारा की गई है। बाकी के रकबा में मसूर, लाख, लाखड़ी, मटर, धनिया सहित अन्य फसलों की खेती की जा रही है। पिछले एक महीने से लगातार मौसम की बेरुखी से किसानों को सामना करना प़ड़ रहा है जिसके चलते किसानों और फसलों दोनों की हालत काफी दयनीय है। किसानों के अनुसार बारिश से चने की फसल को नुकसान तो पहुंचा ही है इसके साथ कुछ दिनों पहले बोआई की गई गेहूं की फसल को भी इस बारिश ने काफी नुकसान पहुंचाया है।

सब्जी उत्पादक किसान भी परेशान

जिस तरह से मौसम की बेरुखी की मार रबी फसल उत्पादक किसानों को पड़ी है और एक बड़ा झटका किसानों को लगा है। कुछ इसी तरह के हालत जिले के सब्जी उत्पादक किसानों का भी है। लगातार मौसम के बिगड़े मिजाज और बेमौसम बारिश के चलते सब्जी उत्पादक किसान भी खासे परेशान हो रहे हैं। लगातार फसलों के बचाव के लिए किसान मश-त तो कर रहे हैं पर अपेक्षित सफलता मिल नहीं पा रही है। परिणाम स्वरूप किसानों की लागत और मेहनत के बाद सिवाय नुकसान के और कुछ भी नजर नहीं आ रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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