थानखम्हरिया। कांग्रेस समर्थित पार्षदों द्वारा नगर पंचायत थानखम्हरिया अध्यक्ष अंजना राजेश ठाकुर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है।

24 मई को पारित आदेश में उच्च न्यायालय ने अपीलकर्ता के अधिवक्ता की दलीलों को ध्यान में रखते हुए मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए 25 मई को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। अपीलार्थी के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि निर्वाचित अध्यक्ष को केवल रिट याचिका के साथ अनुलग्नक पी -1 के रूप में दायर अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है। उन पर लगाए गए आरोपों की सूची नहीं दी गई है। अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों का सत्यापन नहीं किया गया है जो प्रथम दृष्टया अवैध है।

ज्ञात हो कि कांग्रेस समर्थित पार्षदों द्वारा 10 मई को अनेक आरोप लगाते हुए नगर पंचायत थानखम्हरिया अध्यक्ष अंजना राजेश ठाकुर के विरूद्घ अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन सौंपा था। जिस पर कलेक्टर बेमेतरा ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तिथि 25 मई नियत की थी। अनुविभागीय अधिकारी दुर्गेश वर्मा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस स्थगन पर भाजपा समर्थकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। भाजपा बेमेतरा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षियों द्वारा निर्वाचित अध्यक्ष को पद से हटाने तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं यह नगर की जनता के निर्णय का अपमान है। प्रशासन भी सत्ता के दबाव में नियमों की अवहेलना कर रहा है। शासन, प्रशासन द्वारा पूरे प्रदेश में जनता के निर्णय को बदलने का काम किया जा रहा है। भाजपा के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को लालच, भय, दबाव, फंसाने आदि के हथकंडे अपनाकर जबरन कांग्रेस प्रवेश कराया जा रहा है जिसका दुष्परिणाम कांग्रेस को भविष्य में झेलना पड़ सकता है। वहीं, हाईकोर्ट की रोक के बाद अंजना राजेश ठाकुर को बड़ी राहत मिली है और अब भी वे पद पर बनीं रहेंगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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