बेमेतरा। कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा में अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) अंतर्गत बैल चलित उन्नात कृषि यंत्र व उपकरण पर कृषक प्रशिक्षण सह प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन पशु ऊर्जा उपयोग पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत सम्पन्ना हुआ। इस कार्यक्रम में बैल चलित कृषि यंत्रों एवं उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही इस उन्नात तकनीक को बढ़ावा देने व प्रचार-प्रसार के लिए जिले के चयनित अनुसूचित जाति वर्ग के कृषकों को उक्त उन्नात कृषि यंत्र व उपकरण वितरित किए गए।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के प्रक्षेत्र यंत्र एवं शक्ति अभियांत्रिकी विभाग, पशु ऊर्जा पर आधारित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉ. विरेन विक्टर ने पशुचलित यंत्रों/उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी तथा इन यंत्रों के प्रक्षेत्र पर उपयोग एवं संचालन की विधियों पर प्रकाश डाला।

डॉ. विक्टर ने पशु चलित उपकरणों से किसानों को खेती की आमदनी में वृद्घि तथा प्रदूषण मुक्त उधा गुणवत्ता की फसलों का उत्पादन कर अपनी आय दुगुनी करने के लिए प्रेरित किया। कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा के वरिष्ठ विज्ञानी एवं प्रमुख डॉ. रंजीत सिंह राजपूत ने पशुचलित उपकरणों व यंत्रों पर प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के लाभार्थी किसानों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए डॉ. अखिलेश चन्द्राकर, डॉ. जितेन्द्र कुमार जोशी, डॉ. एकता ताम्रकार, तोषण कुमार ठाकुर, डॉ. हेमन्त साहू, शिव कुमार सिन्हा समेत बड़ी संख्या में जिले के किसान उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण से प्रोत्साहित कृषकों ने आगामी रबी मौसम में अपने प्रक्षेत्र में आधा एकड़ में चने की बोआई पशुचलित उपकरण-भोरमदेव सीड ड्रील के माध्यम से करने में रूचि दिखाई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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