नवागढ़। गुरुकुल विद्यालय नवागढ़ में रविवार को पराक्रम दिवस, सुभाष चन्द्र बोस जयंती और विद्यालय में नियमित ध्वजारोहण के 6 वीं वर्षगांठ पर देशभक्ति पूर्ण विजयी विश्व तिरंगा प्यारा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर नरेश कमल चन्द्र भंजदेव थे। अध्यक्षता नगर प्रधान विकासधर दीवान ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में केके श्रीवास्तव एवं सुबोध श्रीवास्तव शामिल हुए। इस दौरान भंजदेव ने चिंता जाहिर किया कि आजकल के बधो मोबाइल से इस कदर जुड़ गए हैं कि मैदान खाली हो गए हैं। जहां पहले दिनभर बधाों की भागदौड़ दिखाई देती थी, आज बधो केवल मोबाईल पर ही लगे रहते हैं। यह उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बधाों को मैदान तक लाना आवश्यक है, जिसमें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों की भी है। उन्होंने कहा पीएम मोदी की अगुवाई में भारत देश का नाम पूरे विश्व में सम्मानित रूप से देखा जाता है, आज हर देशवासी को गर्व महसूस होता है।

विकास दीवान ने नगर प्रधान होने के नाते राजा भंजदेव का नवागढ़ में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नवागढ़ राजा नरवर साय का रजवाड़ा रहा है। यहाँ प्राचीन शमी गणेश मंदिर एवं महामाया मंदिर आदि को बताते हुए नवागढ़ का परिचय दिया। उन्होंने विद्यालय के संचालक की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा देश हित में किये जा रहे कार्य अन्य विद्यालय के लिए शिक्षाप्रद है। केके श्रीवास्तव ने कहा कि रायगढ़ से शुरु हुई कानूनी संघर्ष सुप्रीम कोर्ट तक गया और अन्ततः हर भारतवासी को रोज राष्ट्र ध्वज ससम्मान फहराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और फिर उसी दिन से वे शहर में नियमित ध्वजारोहण कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की प्राचार्या संयुक्ता सिंह ने किया। आभार प्रगट करते हुए संचालक राजेश धर दीवान ने सैनिकों को देव तुल्य बताया और कहा कि उनके आशीवर्चनों से हम सबका जीवन सफल होगा। इस दौरान आशीष सिंघानिया, अजय तिवारी, डॉ एसके शर्मा, हेमकांत यादव, मधु रॉय, देवदास चतुर्वेदी, सुरेश निषाद, टिकम पूरी गोस्वामी, मिन्टू बिसेन, शिव सोनकर, जित्तू भुवाल, छेदीलाल सोनी, रमेश निषाद, रमेश चौहान सहित उपस्थित थे।

भागवत गीता में हर प्रश्न का उत्तर

भंजदेव ने कहा कि नेताजी का 'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का मंत्र भारत के लिये यज्ञ मंत्र बन गया। जिसके बल से देश में अंग्रजों की जड़े हिल गयी। उन्होंने बस्तर के सियासत की विस्तृत जानकारी देते हुए भंजदेव वंश के बारे में बताया। भंजदेव ने कहा कि आज हम आधुनिकता की रेस में अपनी संस्कृति व सभ्यता से दूर होते जा रहे हैं, जबकि यह आधुनिकता हमारी संस्कृति पर ही आधारित है। उन्होंने कहा कि भागवत गीता में हर प्रश्न का उत्तर है, केवल आवश्यकता है तो अध्ययन की। इसके पूर्व बस्तर के राजा भंजदेव के आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। सर्वप्रथम उन्होंने भारतमाता एवं विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। पौधारोपण भी किया। राजा को अपने बीच पाकर सभी नगरवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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