बेमेतरा। नईदुनिया न्यूज

लंबे शिकायत के बाद आखिकार मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के टीम ने शहर के विभिन्ना बर्फ फैक्ट्री, गन्ना-मैंगों जूस सेंटरों में दबिश दी। जहां जांच के दौरान बर्फ निर्माण इकाइयों, गन्नाा जूस सेंटर के बर्फ, मैंगों जूस में रंग, चिकन में रंग, चाट में रंग, समोसा चटनी में रंग विभिन्ना प्रकार के शीतल पेय, रंगीन सेवइयों इत्यादि खाद्य पदार्थ के कुल 24 नमूने लिए गए। जिसमें से मानक-13, अमानक सात, मिथ्याछाप तीन, सुरक्षित एक पाया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी रोशन वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान एक दुकान से आइस कैण्डी स्टिक (ग्रामीणों में प्रचलित नाम पेप्सी) मिला। इसके पैकेट में किसी भी प्रकार की जानकारी (जैसे बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, पता, एफएसएसआइ नंबर इंग्रेडैंट वेज, नॉनवेज, मोनो, इत्यादि उल्लेखित नहीं था। जांच में सैक्रीन मिला। पूछताछ करने पर निकट के ग्राम में उक्त आइस कैण्डी स्टिक के निर्माण स्थल का पता चला जहां पहुंचकर उक्त खाद्य पदार्थ का निर्माण बंद करवाया गया। साथ ही सभी निर्मित आइस कैण्डी को नष्ट करवाया गया। टीम ने देवांगन आइस फैक्ट्री सिंघौरी, फिरोज बर्फ फैक्ट्री भद्रकाली मंदिर के पास और शर्मा आइस प्रोडक्डस बीजाभाठ में निरीक्षण कर उन्हें नोटिस दिया गया। वर्मा ने बताया कि बर्फ निर्माताओं को मौके पर नोटिस दिया गया। इसके अनुसार अखाद्य बर्फ को इण्डिगो कर्र्‌मीन ऑफ ब्रिलियंट ब्लू से निला रंग करने व खाद्य बर्फ के लिए उपयोग किये जाने जल को पीएचई लैब से प्रमाणित करवा के जंग रहित सांचो में व एफएसएस आइ नंबर लेने के बाद ही खाद्य बर्फ बनाने निर्देशित किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network