भिलाई। शादी के महज 10 दिन बाद अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले पति ने मौत की वजह पुलिस को बताई। बताया कि उसकी पत्नी उससे झूठ बोलती थी। बातें छिपाती थी और वाट्सएप पर किसी से चैटिंग करती थी। लेकिन, उसके बारे में भी कुछ नहीं बताती थी। इससे उसे शक हुआ कि उसकी पत्नी का किसी और से चैट चल रहा है। जिसके कारण उसने अपनी पत्नी की मुक्‍के से मार-मार कर हत्या कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को लक्ष्मी पारा पुराना तालाब के पास रहने वाले विवेक गुप्ता ने अपनी पत्नी चित्रलेखा देवांगन (27) की हत्या कर दी थी। आरोपित ने 30 अप्रैल को चित्रलेखा देवांगन से अपने घर पर प्रेम विवाह किया था। आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी हमेशा शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालती थी।

शादी के बाद से वो उसकी इसी मांग को लेकर परेशान था। इसी दौरान उसने किसी और व्यक्ति से वाट्स एप पर चैटिंग करना शुरू कर दिया था। आरोपित को लगा कि वो उसकी पत्नी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी और व्यक्ति के संपर्क में है। इसी बात को लेकर तीन दिनों से उनके बीच में विवाद होने लगा था। जिसके बाद उसने मंगलवार की सुबह मुक्‍के से मार-मारकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या की धारा के तहत कार्रवाई की और न्यायालय पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

अप्राकृतिक कृत्य के दोषी को सात साल कारावास

13 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले आरोपित को न्यायालय ने सात साल कारावास और 21 सौ रुपये अर्थदंड से दण्डित किया है। घटना जामुल थाना क्षेत्र की है। प्रकरण के मुताबिक पीड़ित बालक( 13 वर्षीय) अपने माता-पिता के साथ रहता है। वह कक्षा सातवीं में पढ़ता है। घटना दिनांक सात अक्टूबर 2017 को पीड़ित बालक स्कूल गया हुआ था। शाम करीब चार बजे छुट्टी होने के बाद स्कूल के बाहर खड़ा आरोपित संजय साहू बालक के पास पहुंचा तथा उसे बहला फुसलाकर स्कूल के पीछे के झाड़ियों में ले गया।

आरोपित ने पीड़ित बालक के कपड़े को उतारकर उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। आरोपित ने घटना के संबंध में किसी को भी बताने पर उसके माता पिता को जान से मारने की धमकी दिया। लेकिन पीड़ित बालक ने घटना की जानकारी अपने माता पिता को दी। इसके बाद उसे उपचार के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत पर जामुल पुलिस ने एसीसी चौक घासीदास नगर जामुल निवासी आरोपित संजय साहू ( 26) संजय साहू के खिलाफ धारा 377,506 बी एवं पाक्सो एक्ट की धारा-04 के तहत अपराध पंजीबद्घ कर प्रकरण सुनवाई के लिए चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश संगीता नवीन तिवारी की अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपित संजय साहू को सात साल कारावास और 21 सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक संतोष कसार ने की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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