भिलाई। बर्मिंघम में कामनवेल्थ गेम्स खेलकर दुर्ग की लौटी आकर्षि का शहर ने स्वागत किया। शहर में रैली के माध्यम से स्वागत और विजयी रैली निकाली गई, जिसमें विभिन्ना खेलों के खिलाड़ी, खेल प्रशिक्ष, खेल पदाधिकारी, खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी और शहरवासी सम्मिलित हुए। चौक-चौहाहों और तिराहों के साथ ही प्रमुख स्थानों पर 'भारत माता की जय' और 'जयहिंद' के नारे लगते रहे।

दुर्ग की बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षि कश्यप कामनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल का हिस्सा रहीं। आकर्षि ने भी पूरे दमखम से अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया और उम्दा मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी टीमों को टक्कर दिया।

बर्मिंघम से आकर्षि बुधवार को रायपुर विमानतल पहुंचीं, जहां से वे सड़क मार्ग से अपने गृहनगर आईं और दुर्ग ने उनके स्वागत में विजय रैली निकाली। पूरे रैली के दौरान ढ़ोल-बाजे बजते रहे। लोग शहर की बेटी आकर्षि के साथ सैल्फी लेने के लिए उतारू रहे।

लोगों ने आकर्षि का फूल और मालाओं से स्वागत किया। आकर्षि की एक झलक पाने लोग उत्साहित रहे। रैली दुर्ग के ग्रीन चौक से आरंभ हुई। जहां हरेक चौक पर आकर्षि का स्वागत किया गया।

कालेज की छात्राओं ने बनाईं ईको फ्रेंडली राखियां, मिली सराहना

भिलाई। शासकीय डा.खूबचंद बघेल महाविद्यालय भिलाई-3 की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा हस्तनिर्मित ईको फ्रेंडली राखियां बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। आठ दिवसीय कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों द्वारा बनाई राखियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

साफ्टवेयर फर्म दिल्ली में प्रबंधक व कार्यक्रम की मुख्यातिथि स्मिता बघेल ने कहा कि विभिन्ना पौधों के बीज से बनाई गई इन राखियों का विशेष महत्व है क्योंकि राखियां अक्सर प्रयोग के बाद कूडे में फेंक दी जाती है।

परंतु ऐसी राखियां मिट्टी से सान्निाध्य पाकर पुनः बीज से पौधे के रूप में उगेगी, जिससे पर्यावरण के प्रदूषण को कम करने में अहम भूमिका निभा पाएंगे। अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य डा.रीना मजूमदार ने ऐसी और कार्यशाला महाविद्यालय में आयोजित करने में सहयोग देने का वचन दिया।

महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डा.दीप्ति बघेल ने कहा कि यह एक अद्भुत और अनोखा प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसी ईको फ्रेंडली राखियां त्योहार के कुछ दिन पूर्व कार्यशाला आयोजित कर अगर बनाई जाए तो इसे बाजार तक भी पहुंचाई जा सकती है।

इस अवसर पर स्पर्धा भी हुई, जिसमें सर्वश्रेष्ठ राखी बनाने वाले विद्यार्थी को पुरस्कृत किया गया। साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित बटालियन के जवानों के लिए राखियां भी भेंट की गई। इस दौरान डा.अल्पना देशपांडे, नीलम गुप्ता और डा.अल्पना दुबे व अन्य का योगदान रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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