Annual Increment In BSP: भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के सभी कर्मचारियों का वेतन समझौता 56 माह बीत जाने के बावजूद लंबित है। हड़ताल के बाद फिर एक बार प्रबंधन और श्रमिक संगठन 21 अक्टूबर को दिल्ली में फुल एजेसीएस की बैठक करने जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में दोनों पक्ष मिलकर 30 फीसद पर्क्स की मांग को लेकर उत्पन्न हुए गतिरोध को दूर करते हुए अंतिम निर्णय ले सकते है।

30 जून 2021 को फीसद पर्क्स के मामले में सहमति ना बनने के बाद श्रमिक संगठन हड़ताल पर चले गए थे। जिसके बाद भी अगस्त माह से फिर शुरू हुई बैठकों के दौर में प्रबंधन और यूनियन के बीच में अब तक सहमति नहीं बन पाई है। वहीं 21 अक्टूबर की मीटिंग में कर्मचारियों ने फिर एक बार यूनियन के सामने अपना पक्ष रखते हुए पिछले समझौते की खामियों को इस समझौते में दूर करने की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारियों ने बीएमएस के अतिरिक्त एनजेसीएस में शामिल अन्य चार यूनियन जो कि भेल में भी कर्मचारियों के लिए वेतन समझौता करवाने में अहम भूमिका निभाते हैं, उनसे भेल के पे स्ट्रक्चर के मुताबिक सेल में भी ओपन एंडेड स्केल बनाने की मांग की है। सेल में उच्च ग्रेड पर काम कर रहे कर्मचारी सीमित स्केल होने के चलते काफी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।

सेल में वर्ष 2010 में हुए कर्मचारियों के वेतन समझौते मैं कर्मचारियों के स्केल को सीमित करते हुए इस तरह से बनाया गया था की ज्यादातर वरिष्ठ कर्मचारी का बेसिक तय किए गए पे स्ट्रक्चर की अंतिम बेसिक से भी ज्यादा हो गया था । ऐसे में कर्मचारियों को उनके वास्तविक बेसिक पर 3 फीसद इंक्रीमेंट ना मिलकर स्केल के अंतिम बेसिक पर 3फीसद इंक्रीमेंट मिल रहा है जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

भिलाई इस्पात संयंत्र में सबसे ज्यादा लगभग 3000 कर्मचारी एस-11 ग्रेड में कार्यरत हैं वही एस-10 और एस- 9 ग्रेड में भी लगभग 5000 कर्मचारी कार्यरत है और यह सब वरिष्ठ कर्मचारी है। अब सेल के वर्तमान पे स्ट्रक्चर से अधिक बेसिक पर हैं । वह सब पर्सनल पे का सामना कर रहे हैं । जिसके चलते उन्हें वास्तविक 3 फीसद इंक्रीमेंट का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

कर्मचारी के मूल वेतन में स्ट्रक्चर के अंतिम बेसिक को अलग तथा उसके अतिरिक्त बेसिक को पर्सनल पे के रूप में अलग दिखाया जाता है । सीपीएफ और ग्रेजयुटी के कैलकुलेशन में तो पूरे बेसिक अर्थात मूल वेतन और पर्सनल पे को गणना में लिया जाता है लेकिन इंक्रीमेंट की गणना में पर्सनल पे को शामिल नहीं किया जाता । आज भिलाई में ऐसे बहुत सारे कर्मचारी हैं जिनका पर्सनल पे दस हजार से भी ज्यादा हो चुका है ।

वरिष्ठ कर्मचारियों को सीमित स्केल होने के कारण 2.2 से लेकर 2.6 तक ही वेतन वृद्धि मिल रहा है और बदस्तूर 11 सालों से वरिष्ठ कर्मचारी इसका सामना कर रहे हैं । ऐसे में कर्मचारियों को 8 से 9 फीसद तक की वेतन वृद्धि का अब तक नुकसान हो चुका है। वर्ष 2014 में भी श्रमिक संगठनों से ओपन एंडेड स्केल की मांग की गई थी किंतु श्रमिक संगठन इसे लागू करवाना पाने में सफल नहीं हुए ।

जहां हर संगठनों में अनुभवी और सीनियर कर्मचारियों की कद्र की जाती है ,वही उसके उलट आजकल सेल में वरिष्ठ कर्मचारियों को बोझ के रूप में देखा जा रहा है । वर्षों के समर्पण के बाद भी एस- 11ग्रेड पर बिना प्रमोशनल इंक्रीमेंट के कर्मचारी 12 से 15 साल तक नौकरी करने मजबूर हैं । वहीं उन्हें सालाना 3 फीसद वेतन वृद्धि का भी लाभ नही मिल पा रहा है। एस -10 से एस - 11 ग्रेड में प्रमोशन के लिए भी 4 की जगह 5 साल की बाध्यता है। जिससे बहुत से कर्मचारी का एक प्रमोशनल् इंक्रीमेंट का नुकसान हुआ है।

कर्मचारियों को प्रमोशन दिलाने की लिए एक नए ग्रेड एस - 11 बनाया गया था । आज 11 साल बीतने के बाद भी इस ग्रेड को नियमित नहीं किया जा सका है । इस वजह से इस ग्रेड के लिए कोई अलग इंसेंटिव पॉलिसी सहित अन्य आर्थिक लाभ निश्चित नहीं है । वही अधिकारी वर्ग प्रमोशन में इस ग्रेड में प्रमोशन के इनके एक इंक्रीमेंट को घटाकर बेसिक का फिक्सेशन किया जाता है ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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