भिलाई (वि)। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा शायर कैफी आमदी का जन्म शताब्दी समारोह नेहरू सांस्कृतिक सदन भिलाई में मनाया गया। इस दौरान कैफी आमदी की गीतों को याद किया गया।

आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार लोक बाबू ने की। उन्होंने कहा कि कैफी आजमी के कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। वे जैसा लिखते थे, वैसे ही वे जीवन में थे भी। आरंभ में वे नुक्कड़ नाटक में नज्म गाया करते थे। संघ के अध्यक्ष परमेश्वर वैष्णव ने कैफी आजमी अकादमी लखनऊ में किये अपने काव्य का उल्लेख करते हुए उनकी चुनिंदा शायरी पढ़ी। शायर मुमताज ने बाबरी मस्जिद ध्वस्त के बाद मुंबई में कैफ आजमी की उपस्थित में मुशायरे में पढ़ी अपनी गजल को फिर से सुनाया। वहीं इप्टा के राष्ट्रीय सचिव रंगकर्मी राजेश श्रीवास्तव ने भी अपने विचार एवं कार्यक्रम का वर्णन विस्तार से किया। इसके साथ अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान इप्टा के युवा कलाकार कैपी के गीत गाए। कार्यक्रम में सुचित्रा मुखर्जी, गौरी, कविता, निकिता, चित्रांश, जय प्रकाश, सुमय मुखर्जी, पार्षण, शानीद, भारत भूषण परगनिहा आदि शामिल थे।

Posted By:

fantasy cricket
fantasy cricket