भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

राष्ट्रीय इप्टा के पूर्व अध्यक्ष कैफी आजमी की पुण्यतिथि पर विशेष रूप से इप्टा के नाट्य शिविर में बच्चों को रंग मंच की विभिन्ना विधाओं में प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के शुभारंभ में साहित्य से रूबरू कराने बच्चों के बीच प्रगतिशील लेखक संघ वरिष्ठ साहित्यकार, व्यंग्यकार, कवि रवि श्रीवास्तव नेहरू सांस्कृतिक भवन पहुंचे। उन्होंने बच्चों से कहा कि हमें हौसला कभी नहीं खोना चाहिए चाहे कैसी भी विपत्ति आए। हौसला नहीं होता तो हमें आजादी नहीं मिलती। साहित्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अपना नेता चुनने की समझ हमें साहित्य पढ़ने से आती है। 1857 की लड़ाई की नेत्री रानी लक्ष्‌मीबाई को असल पहचान सुभद्रा कुमारी चौहान की 'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी' से मिली। इसी प्रकार उन्होंने प्रेमचन्द की ईदगाह की कहानी सुनाते हुए कहा कि आज समाज को हामिद की जरूरत है। रवि श्रीवास्तव ने बच्चों को हास्य, व्यंग की कविताएं सुनाई। बच्चों ने उनसे बहुत से प्रश्न पूछे जिनका उन्होंने बहुत रोचक ढंग से जवाब दिया।

शिविर में योग, थिएटर गेम्स के अलावा बच्चों ने इंप्रोवैजेशन में गीता गोखले की बताई कहानी दान पर पांच अलग-अलग निर्देशकों के निर्देशन में नाटक प्रस्तुत किए। इसमें निर्देशक रतुजीत सिंह, एकांश, देवांश, आदित्य मेनन, मानसी, चित्रकला के लिए खैरागढ़, संगीत विश्व विद्यालय की वेणु प्रिया ने बच्चों को प्रारंभिक जानकारी दी। शनिवार को बच्चों के बीच दुर्ग के एडिशनल कलेक्टर संजय अग्रवाल होंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network