दुर्ग। नईदुनिया प्रतिनिधि

पदमनाभपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड का सम्पवेल धंसकने के दूसरे दिन मंगलवार को क्षेत्र की तीन हजार आबादी के लिए निगम प्रशासन ने दिनभर में मात्र दो ही टैंकर पानी भेजा। क्षेत्र में दूसरी टंकी से पानी सप्लाई की व्यवस्था बनाने निगम अमला झांकने तक नहीं पहुंचा। वहीं सम्पवेल के आसपास के क्षेत्र की मिट्टी और धंसकने लगी है।

निगम के पदमनाभपुर वार्ड क्रमांक-45 व 46 में हाउसिंग बोर्ड के सम्पवेल से पंप हाउस नंबर एक में से पानी सप्लाई की जाती है। 40 साल पुराना यह सम्पवेल सोमवार को अचानक धंसक गया। इससे उक्त क्षेत्र में स्थित पानी सप्लाई की टंकी में पानी नहीं भर पाया। महापौर ने प्रभावित इलाके में टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई किए जाने का निर्देश दिया है। लेकिन सम्पवेल धंसकने के बाद अब तक मात्र दो टैंकर ही पानी भेजा गया है। वार्ड पार्षद राजेश शर्मा ने बताया कि करीब पांच सौ मकानों में उक्त सम्पवेल के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था बनाई गई थी। इन पांच सौ घरों की आबादी लगभग तीन हजार है जिनके लिए निगम ने दिनभर में मात्र दो ही टैंकर पानी भेजा। एक टैंकर पानी सुबह भेजा गया वहीं शाम को पानी का दूसरा टैंकर मंगवाने जलगृह विभाग के अधिकारियों को फोन करना पड़ा।

विश्वकर्मा जयंती मनाने में व्यस्त रहा अमला

पार्षद राजेश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को निगम अमला वार्ड में नहीं पहुंचा। जबकि दूसरी टंकी से पेयजल आपूर्ति के लिए व्यवस्था बनाया जाना है। सम्पवेल धंसकने के बाद निगम ने वार्ड के मिनी स्टेडियम के पीछे स्थित पानी टंकी से प्रभावित घरों में सप्लाई के लिए पाइप लाइन जोड़ने की बात कही है। लेकिन मंगलवार को इस दिशा में काम ही नहीं हुआ। फोन करने पर अफसरों ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती

सम्पवेल के आसपास का क्षेत्र भी लगा धंसकने

सम्पवेल में पानी भरा हुआ है। इस कारण सम्पवेल के आसपास की जमीन भी धंसकने लगी है। निगम प्रशासन ने सम्पवेल में भरे पानी का बाहर निकाला। स्थिति को देखते हुए गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों ने सम्पवेल में पाइप डालकर पानी को निकलवाया।

सप्लाई जल्द दुरुस्त करने निर्देश

सम्पवेल धंसकने की वजह से पदमनाभपुर के एक इलाके में पानी सप्लाई को लेकर दिक्कत हो रही है। निगम कर्मचारी व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं। सोमवार को मौके पर जलगृह विभाग का अमला पहुंचा था। निगम के पास टैंकरों की कमी नहीं है पार्षद ने कहा था कि क्षेत्र में ज्यादा टैंकर की जरूरत नहीं पड़ेगी।

-देवनारायण चंद्राकर, प्रभारी जलगृह विभाग ननि दुर्ग