भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

जेपी सीमेंट फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों का कहना है कि जब तक काम पर दोबारा नहीं रखा जाता। तब तक वे आंदोलन करते रहेंगे। बुधवार को मजदूरों की आवश्यक बैठक में इसका फैसला लिया गया। तय किया गया कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

एसीसी होलसिम बहुराष्ट्रीय कंपनी और जेपी सीमेंट के बीच समझौता होने के बाद फैक्ट्री दोबारा चालू होने जा रही है। इसलिए पूर्व में निकाले गए मजदूर दोबारा काम की मांग कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि फैक्ट्री प्रबंधन के साथ समझौता हुआ था कि जब भी दोबारा काम चालू किया जाएगा, सभी मजदूरों को काम पर रखेंगे। अब फैक्ट्री चालू होने जा रही है। अब तक प्रबंधन की ओर से कोई कवायद नहीं की जा रही है। इसलिए मजदूरों में इसको लेकर रोष है।

श्रमिक नेता कलादास डेहरिया का कहना है कि कंपनी के इंडिया प्रमुख मुम्बई मुख्यालय में बैठते हैं। उन्हें पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा है पहली प्राथमिकता निकाले हुए मजदूरों की होगी। प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ एसीसी होलसिम कंपनी के साथ समझौता कर 450 ठेका श्रमिकों को स्थाई कर्मचारी के केटैगरी में लाया गया है। इस समझौते में अधिवक्ता सुधा भारद्वाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

बैठक के दौरान मजदूरों ने कहा कि जेपी सीमेंट प्रबंधक चलाकी करते आ रही है। 100 से अधिक आज भी कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनका वेतन, बोनस सब मिल रहा है। हम लोगों के लिए काम नहीं है। रायपुर केंद्रीय श्रमायुक्त भी प्रबंधन को काम पर रखने सलाह दे चुके हैं। वहीं, बैठक में यह भी तय हुआ कि 28 सितंबर को शंकर गुहा नियोगी का शहादत दिवस मनाने भिलाई से मजदूर इस बार दल्ली-राजहरा जाएंगे। श्रम कानून में बदलाव के खिलाफ आवाज उटाएंगे। मीटिंग में, शिवेंद्र, मनीष, शिव कुमार, पुरुषोत्तम, सुरेंद मोहंती, जीएन सिंह आदि शामिल थे।