भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

सेक्टर-9 अस्पताल में बच्ची से अनाचार के बाद सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है। सीटू प्रतिनिधिमंडल प्रबंधन अस्पताल मिला से मिलकर ज्ञापन सौंपा। मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए दिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

हिंदुस्तान स्टील इम्प्लाइज यूनियन सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को अपना विरोध व्यक्त किया। मंगलवार को एक नौ वर्षीय बधाी के साथ सेक्टर-9 अस्पताल में निजी अटेंडेंस द्वारा की गई अश्लील हरकत को लेकर मरीजों एवं बीएसपी कर्मियों में काफी गुस्सा है।

यूनियन अध्यक्ष सविता कुमार मालवीय ने कहा कि अस्पताल के भीतर कोई भी निजी अटेंडेंट के नाम पर घूम-घूम कर मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संपर्क करते हैं। इस परिपाटी के कारण कई अवांछित तत्व भी अस्पताल में घूमते हैं। यूनियन की ओर से यह सुझाव दिया गया कि सभी निजी अटेंडेंट्स को विशेष पास दिया जाए, जिसमें उनके बारे में विस्तृत जानकारी प्रबंधन के पास मुहैया रहे। सभी अटेंडेंट्स की एक सूची बने ताकि किसी मरीज के परिजनों को यदि अटेंडेंट की सेवा लेने की आवश्यकता है तो वे उसी सूची में से अटेंडेंट को संपर्क कर उनकी सेवा लें।

इससे मरीजों के परिजनों से मनमानी पैसे की वसूली भी रूकेगी। मरीजों की मबूरी का फायदा कई अटेंडेंट उठाते हैं। परिजनों से मनमानी पैसे की वसूली करते हैं। जब ये अटेंडेंट सूचीबद्घ होंगे, तब वे नियमों से भी बंधे होंगे और निश्चित कार्य अवधि के लिए कार्य करेंगे। साथ ही उनका मानदेय भी निश्चित होगा।

एम्बुलेंस चालकों की आड़ में अवांछित तत्व पर रोक लगे

महासचिव एसपी डे ने प्रबंधन के सामने निजी एम्बुलेंस चालकों की आड़ में अवांछित तत्वों पर रोक लगाने की मांग की। अस्पताल परिसर के अंदर कॉफी हाउस के पीछे कुछ एम्बुलेंस खड़ी रहती है। इससे कई मरीजों को आवश्यकता के आधार पर एंबुलेंस की सेवा मिल मिलती है। किंतु एम्बुलेंस चालकों की आड़ में कई अवांछित तत्व भी अस्पताल परिसर में उपस्थित रहकर अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मियों के लिए भी असुविधाजनक माहौल बनाते हैं।

छात्र संगठन आईएसयू भी पहुंचा अस्पताल

फोेटो-अजमत-आईएसयू

छात्र संगठन आईएसयू के अध्यक्ष रोहित तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने डायरेक्टर डॉक्टर जी. मालनी के कार्यालय के सामने नारेबाजी की। इसके बाद डॉ.कौशलेंद्र ठाकुर से युवा नेताओं की चर्चा हुई। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सभी अटेंडेंट की जांच कराई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन द्वारा लिखित रूप से प्रशासन से कड़ी से कड़ी सजा की मांग की गई। वहीं, रोहित तिवारी ने कहा कि अस्पताल परिसर में इस तरह की हरकत रोकने के लिए प्रबंधन सख्त कदम उठाए।

Posted By: Nai Dunia News Network