भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

तनाव की वजह से पूरी दुनिया गलत कदम उठा रही है। लेकिन बीएसपी कर्मचारी तनाव लेने के बजाय देने के मूड में आ गए। शक्ति एवं विद्युत संगठन के कार्मिक विभाग के कार्मिकों का पारा चढ़ा हुआ है। अफसर पर शोषण का आरोप लगा रहे हैं। मानवाधिकार आयोग तक अपना दुखड़ा सुनाने जा रहे हैं। भठ्ठी थाना में अपने ही अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने का मजमून वकील साहब से तैयार करा रहे हैं। उच्चाधिकारियों से मिलकर सूचित कर चुके हैं। गुहार लगाते हुए कहा- सामूहिक रूप से कर्मचारियों का ट्रांसफर कहीं और कर दें या साहब की हिटलरशाही से छुटकारा दिलाएं।

डीजीएम स्तर की एक अधिकारी के अधीन चार महिला, पांच पुरुष और दो अधिकारी कार्यरत हैं। कार्मिकों का कहना है कि वे मानसिक तनाव में है। सुबह हाजिरी से लेकर शाम तक तनाव का सिलसिला शुरू होता है। कैंटीन में कोई बगैर पूछे जा नहीं सकता। महिला कर्मी रेस्ट रूम में नहीं जा सकती। अपनी सीट से बगैर पूछे कोई हट नहीं सकता। भावुक कर्मचारी बता रहे हैं कि बंधुआ मजदूर जैसे हालात बन गए हैं। सुबह 9.15 बजे तक आफिस टाइम है। आरोप है कि इससे पहले ही रजिस्टर हटा दिया जाता है। व्यवहारिक पक्ष इतना कमजोर है कि कामकाज पर तनाव बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक महिला कर्मी मेन मेडिकल गईं तो उन्हें भी सुनने को मिल गया। विभाग की साहब एक संस्था के माध्यम से तनाव दूर करने टिप्स बांटती हैं, लेकिन खुद के विभाग में सच्चाई इससे इतर है।

Posted By: Nai Dunia News Network