भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

ग्रामीण क्षेत्र की एक बालिका ने नेशनल स्तर पर जिले के साथ ग्रामीण क्षेत्र का नाम रौशन कर दिया। इसमें छह कांस्य पदक भी जीता।

ग्राम मचांदूर निवासी मोना पटेल का जन्म 2098 में हुआ था। मोना गांव के ही एक प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद ग्राम मचांदूर के हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं पास कर तलवारबाजी में जिले के साथ राज्य और देश का नाम रोशन कर रही है।

मोना पटेल के पिता किसान हैं, ग्रामीण परिवेश में शिक्षा दीक्षा के बावजूद तलवारबाजी में मोना ने मेहनत व लगन के बल पर आज वह मुकाम हासिल किया है, जो एक ग्रामीण परिवेश में रहने वाले बच्चों के लिए कठिन है।

मोना ने बताया कि जब हम तलवारबाजी सीख रहे थे तो गांव में लोग तरह-तरह की चर्चा करते थे। लेकिन उनके पिता ईश्वर पटेल एवं माता ने उनको आगे बढ़ने में काफी मदद की। मोना पहली बार तलवारबाजी में कॉलेज स्तर पर अनेक बार पुरस्कृत हो चुकी है। इसके बाद 2009 में पहली बार उसका चयन तलवारबाजी में नेशनल स्तर पर कैडेट ओडिशा में पार्टी सिपेट किया। इसके बाद 2010 भिलाई में नेशनल गेम्स का आयोजन ओडिशा में खेली। इसके बाद 2015 में नेशनल गेम्स केरला में मोना ने पहली बार कांस्य पदक जीत कर वापस मचांदूर पहुचने पर ग्रामीणों ने स्वागत किया। इसके बाद बंगलुरू में जूनियर नेशनल 2016 में सिल्वर मेंडल सोलापुर महाराष्ट्र में जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। इसके बाद 2017-18 यूथ नेशनल तलवारबाजी का आयोजन नासिक में किया गया। इस स्पर्धा में मोना पटेल ने कांस्य पदक जीता है।

अमृतसर में तैयारी

इसके बाद मोना अब गुरू नानकदेव विश्वविद्यालय में अमृतसर में शिक्षा ग्रहण कर रही है। मोना ने बताया कि आगे चलकर हम देश की सेवा करना चाहते है। इसके साथ हम लगातार तलवारबाजी में की प्रेक्टिस कर रही है। जबकि मोना के परिवार से कोई भी सदस्य खेल से नहीं जुड़ा है। इसके बावजूद एक बालिका होकर भी उन्होंने हार नहीं मानी और आज देश का नाम रोशन कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network