भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

ऑनलाइन गेम पब्जी पर बैन लगाने की मांग बढ़ने लगी है। इस गेम लत पाल बैठे युवाओं के परिजनों ने गुजरात की तर्ज पर इस पर बैन लगाने की मांग की है। सोमवार को गृहमंत्री व सांसद को अलग-अलग ज्ञापन सौंपा गया।

बता दें कि ब्लू वेल के बाद ऑनलाइन गेम पब्जी युवाओं के बीच नशे की तरफ फैलता जा रहा है। इस गेम में टॉस्क दिया जाता है। अलग-अलग जगहों के अपरचित लोग एक साथ इस गेम से जुड़ते जाते हैं। लगातार खेलने की वजह से लोगों को लत सा हो गया है। एक बार इसकी लत लगने के बाद अफीम या ब्राउन शुगर के नशे के सामान इसे छुड़ाना मुश्किल है।

ये हो रहा है असर

0- इस गेम में युवा वर्ग ज्यादा समय दे रहा है। गेम में ही पूरा समय बर्बाद कर रहा है।

0-गेम में युवा वर्ग इतना तल्लीन हो जा रहा है कि वह खाना पीना तक छोड़ दे रहा है।

0-यह गेम युवाओं को हिसंक बना रहा है। गेम खेलने से मना करने पर युवा वर्ग अपने परिजनों पर ही हमला कर दे रहा है।

0-यह गेम युवा वर्ग को साइको बना रहा है। एक वक्त के बाद इस गेम को खेलने वाले की सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है।

गुजरात में प्रतिबंध

पब्जी की लत इस कदर खतरनाक होती जा रही है कि युवा वर्ग मना करने वालों पर जानलेवा हमला कर रहा है। लिहाजा गुजरात सरकार ने इसे 14 मार्च 2019 से इसे गुजरात में प्रतिबंध कर दिया है। गेम खेलते पाए जाने पर गिरफ्तार किया जा रहा है। दरअसल गुजरात में पब्जी की वजह से हुई कई हिसंक घटनाओं की वजह से सरकार ने इस पर बैन लगा दिया है।

गृहमंत्री व सांसद से मांग

ऑनलाइन गेम पब्जी को गुजरात की तरह छत्तीसगढ़ में भी बैन करने की मांग तेजी से उठने लगी है। भिलाई के कुछ पालकों ने प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई है। परिवार हिंसक व्यवहार से बच सके। पालकों ने सांसद विजय बघेल से भी आग्रह किया है कि इस मुद्दे को सांसद में उठाकर पूरे देश में इस गेम को बैन कर दिया जाए।

1. पागलपन हो सकता है

-बच्चों को इस गेम से जितना जल्दी हो सके दूर हो जाना चाहिए। यह बेहद खतरनाक है। बाद में सोचने समझने की क्षमता खत्म हो जाती है। व्यक्ति किसी काम के लायक नहीं रह जाता। वह पागलों की तरह आचरण करने लगता है।

-मैनक देव सिकदर, मनो चिकित्सक, भिलाई

2. गृहमंत्री व सांसद से उम्मीद

इस गेम की वजह से हमारे घर का माहौल खराब हो रहा है। बच्चे दिन रात गेम खेल रहे हैं। ऐसी शिकायतें कई घरों में है। मना करने पर बच्चे लड़ पड़ रहे हैं। गृहमंत्री व सांसद से इस बैन करने के लिए गुहार लगाई गई है।

-राम बचन सिंह, निवासी कोहका भिलाई

Posted By: Nai Dunia News Network