भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

भिलाई व भिलाई चरोदा निगम के नाम फिजूलखर्ची का रिकॉर्ड बनता जा रहा है। कई योजनाओं पर पैसा फूंका गया, लेकिन सफलता कहीं नहीं मिली। भिलाई निगम में बायोगैस प्लांट तथा चरोदा निगम द्वारा बनाया गया बस स्थानक इसका प्रमाण है।

भिलाई निगम द्वारा 25 लाख रुपये की लागत से बायोगैस प्लांट बनाया गया था। कहा गया था कि प्लांट में गीले कचरे से खाद बनेगा। गैस को आसपास के दुकानदारों को सप्लाई किया जाएगा। भिलाई निगम प्रशासन भी ठेका एजेंसी की बात पर आ गई। 25 लाख की लागत से परिसर में ही प्लांट बना, प्लांट महीनेभर भी नहीं चल सका और बंद हो गया। इसी तरह से कई बड़ी योजनाओं के संधारण के नाम पर भी रकम खर्च कर दिए गए, नतीजा कुछ नहीं निकाला। भिलाई चरोदा निगम का भी यही हाल है।

संधारण के नाम पर फूंक दिए 50 लाख

इसी तरह चंदूलाल चंद्राकर बस स्थानक में संधारण के नाम पर 50 लाख रुपये फूंक दिया गया। काम कुछ दिखा ही नहीं। कहा जा रहा है कि बस स्थानक के रंग रोगन, बाऊंड्रीवाल, सीसी सड़क पर यह पैसा खर्च किया गया है। आरोप है कि संधारण के नाम पर अफसरों ने गोलमाल कर दिया।

भिलाई चरोदा का बस स्टैंड

भिलाई चरोदा निगम द्वारा 40 लाख की लागत से बस स्टैंड बनाया गया था। बस स्टैंड की योजना फ्लाप हो गई। अब यह भवन दूसरे काम में आ रहा है। इसी तरह सिरसा गेट से हथखोज तक बना गौरवपथ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। नौ करोड़ रुपये की लागत से बना पालिका बाजार योजना भी फ्लाप ही माना जा रहा है।

जांच की मांग

बायोगैस प्लांट व चंदूलाल चंद्राकर बस स्थानक में हुए खर्च की जांच की मांग उठने लगी है। भाजपा पार्षदों का कहना है कि दोनों ही मामले में निगम प्रशासन मॉनिटरिंग करने में नाकाम रहा है। यही वजह है कि इतनी राशि बर्बाद हो गई। बायोगैस प्लांट के ठेका एजेंसी पर भाजपा पार्षदों ने कार्रवाई की मांग भी की है

1.जांच की मांग

ऐसे कई मामले में है। योजनाओं के नाम पर जनता के पैसे को बर्बाद किया गया है। भाजपा पार्षदों ने निगम प्रशासन से इसकी जांच की मांग की है।

- भोजराज सिन्हा, भाजपा पार्षद, नगर निगम भिलाई

2. सभी काम की मॉनिटरिंग

सभी कामों की मॉनिटरिंग की जाती है। यदि किसी को लगता है कि कहीं गलत हुआ है तो इसकी जांच करा ली जाएगी। निगम प्रशासन का फोकस बेहतर काम पर रहता है।

- अशोक द्विवेदी, उपायुक्त, नगर निगम भिलाई

Posted By: Nai Dunia News Network